गाजियाबाद (शिखर समाचार)। सावन के दूसरे सोमवार को प्राचीन श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में भगवान भोले शंकर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए भगवान दूधेश्वर नाथ का दूध और जल से अभिषेक करते रहे। मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना की।
दूधेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल को तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था संभालने के लिए विशेष प्रयास किए। भीड़ अधिक होने के कारण आम श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। इस दौरान मंदिर में विशिष्ट व्यक्तियों के दर्शन भी रोक दिए गए, ताकि सभी श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के दर्शन का अवसर मिल सके। पुलिसकर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की कतार को व्यवस्थित रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस-प्रशासन ने संभाली व्यवस्था, सुगम दर्शन पर जोर
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। दूर दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर नाथ के दर्शन कर सुख समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में जुटे रहे।
सावन सोमवार की महिमा बताकर महंत ने की अनुशासन की अपील
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/
महंत नारायण गिरि ने कहा कि सावन का महीना भगवान भोले शंकर को अत्यंत प्रिय है। सावन में भगवान शिव का अभिषेक करने से श्रद्धालुओं को अपार सुख और पुण्य की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से सावन के सोमवार की महिमा निराली है। श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा अर्चना करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर की व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और अनुशासन के साथ दर्शन करने की अपील की।
