——-अगस्त में होने वाली बोर्ड बैठक से पहले समिति को अंतिम प्रस्ताव सौंपने का अल्टीमेटम
आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बहुप्रतीक्षित हरनंदीपुरम योजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने हरनंदीपुरम योजना के भू-उपयोग (लैंड यूज) परिवर्तन के संबंध में गठित विशेष समिति के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में योजना के पहले चरण के भू-उपयोग परिवर्तन और लेआउट अनुमोदन से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने गठित समिति को स्पष्ट निर्देश दिए कि हरनंदीपुरम योजना के प्रथम चरण के भू-उपयोग में बदलाव और इसके लेआउट से संबंधित सभी तकनीकी व प्रशासनिक परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरे किए जाएं। अभिलेखों की जांच-परख और आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की देरी न करने की ताकीद की गई है।
उपाध्यक्ष ने समिति को निर्देशित किया है कि वह अपना स्पष्ट और अंतिम अभिमत निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत करे, ताकि अगस्त माह में प्रस्तावित गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक से पूर्व इस पूरे प्रकरण को अंतिम रूप दिया जा सके।
बोर्ड की मुहर लगते ही शुरू होगा विकास कार्य
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि समिति की अंतिम संस्तुति प्राप्त होते ही प्रथम चरण के भू-उपयोग परिवर्तन और लेआउट अनुमोदन के प्रस्ताव को आगामी बोर्ड बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही धरातल पर योजना के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने सभी संबंधित अधिकारियों को पाबंद किया है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़ी समस्त औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। जीडीए की मंशा है कि हरनंदीपुरम योजना के प्रथम चरण का निर्माण कार्य तय सीमा के भीतर शुरू हो सके, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द आधुनिक आवासीय सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में मौजूद रहे शीर्ष अधिकारी
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इस उच्चस्तरीय बैठक में प्राधिकरण के सचिव, अपर सचिव, विशेष कार्याधिकारी (प्रथम), प्रभारी मुख्य अभियंता, प्रभारी मुख्य नगर नियोजक, नगर नियोजक, मास्टर प्लान जोन-1 के सहायक अभियंता, जीडीए तहसीलदार और सहायक नगर नियोजक समेत योजना से जुड़े तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
