गुरु पूजा शिष्य को सेवा, साधना और सदाचार का मार्ग दिखाती है : सतपाल महाराज

Rashtriya Shikhar
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Guru Worship Guides Disciples Towards the Path of Service, Devotion, and Righteous Conduct: Satpal Maharaj IMAGE CREDIT TO REPORTER

मुरादनगर (शिखर समाचार)।

गंगनहर स्थित सतलोक आश्रम में मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय गुरु पूजा महोत्सव के दूसरे दिन विशाल सत्संग समारोह का आयोजन हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लेकर आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।

पूरे आश्रम परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला।

गुरु के मार्गदर्शन से मिलता है जीवन का सही उद्देश्य

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सत्संग को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज ने कहा कि गुरु पूजा केवल परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि शिष्य को ध्यान, सेवा, सत्संग और गुरु की आज्ञा के पालन का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्राप्त कर सकता है। सत्संग मनुष्य के भीतर व्याप्त ईर्ष्या, द्वेष, अहंकार और अन्य मानसिक विकारों को दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

सतपाल महाराज ने कहा कि जब व्यक्ति नियमित रूप से सत्संग सुनता है और उसके उपदेशों को अपने जीवन में अपनाता है, तभी उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

आध्यात्मिक मूल्यों से ही संभव है विश्व शांति की स्थापना

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सतपाल महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अशांति और संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। अनेक देशों के बीच युद्ध और हिंसा के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा बड़ी धनराशि विनाशकारी गतिविधियों पर खर्च हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि मानवता, प्रेम, करुणा और आध्यात्मिक मूल्यों का व्यापक प्रसार हो तो विश्व में स्थायी शांति और भाईचारे का वातावरण स्थापित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद, हिंसा और मानव द्वारा मानव की हत्या अधर्म के आधुनिक स्वरूप हैं, जिनका समाधान केवल आध्यात्मिक जागृति और नैतिक मूल्यों के प्रसार से ही संभव है।

कार्यक्रम में माता अमृता ने भी श्रद्धालुओं को प्रेरणादायी संदेश दिया। भजन गायकों की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया। मंच संचालन संतोषानंद ने किया।

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