आरव शर्मा
देहरादून (शिखर समाचार)।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा देहरादून महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने के लिए चलाया जा रहा जनसंवाद अभियान अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है। इसी कड़ी में सोमवार को अभियान के 11वें दिन राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में सेक्टर-11 की जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा राजधानी के भविष्य को लेकर अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज कराईं।
एमडीडीए अधिकारियों ने जनता की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि प्रत्येक सुझाव का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर उसे महायोजना के अंतिम प्रारूप में शामिल किया जाएगा।
यातायात, आवास और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर
सुद्धोवाला में आयोजित जनसुनवाई के दौरान तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिभागियों ने कहा कि बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क नेटवर्क के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रावधान किए जाने चाहिए।
इसके अलावा, पार्किंग संकट, आंतरिक संपर्क मार्गों की स्थिति और नए आवासीय क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज व अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई। लोगों का सुझाव था कि महायोजना अगले दो दशकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाए।
पर्यावरण संरक्षण को मिले प्राथमिकता
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
बैठक में पर्यावरणीय मुद्दे भी प्रमुखता से उभरे। नागरिकों ने हरित क्षेत्रों, प्राकृतिक जल स्रोतों और खुले सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रावधान करने की मांग की। कई प्रतिभागियों ने वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण और जलभराव की समस्या के समाधान को महायोजना का अभिन्न हिस्सा बनाने की बात कही, ताकि देहरादून का प्राकृतिक और पर्यावरणीय संतुलन सुरक्षित रह सके।
अधिकारियों के बयान
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/
बंशीधर तिवारी (उपाध्यक्ष, एमडीडीए): देहरादून महायोजना-2041 केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य की विकास दृष्टि है। नागरिकों से प्राप्त सुझाव योजना को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, महायोजना उतनी ही प्रभावी और दूरदर्शी बनेगी।
मोहन सिंह बर्निया (सचिव, एमडीडीए): जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और विधिक परीक्षण करेगी, ताकि अंतिम महायोजना विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सके।
कल सेक्टर-12 में होगी अगली जनसुनवाई
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
एमडीडीए ने बताया कि जनसंवाद अभियान आगे भी जारी रहेगा। महायोजना-2041 के अंतर्गत सेक्टर-12 की अगली जनसुनवाई 21 जुलाई को प्रातः 11 बजे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, चंद्रबनी रोड पर आयोजित की जाएगी, जहां संबंधित क्षेत्र के नागरिक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
