मेरठ (शिखर समाचार)। मेरठ परिक्षेत्र के चार जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने राष्ट्रीय स्वचालित अंगुली चिन्ह पहचान प्रणाली (नाफिस) की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। मई 2026 की डाटा फीडिंग के आधार पर जारी रैंकिंग में मेरठ रेंज ने लगातार तीसरी बार प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि एक जुलाई 2022 से प्रदेश के सभी जनपदों में नाफिस प्रणाली के माध्यम से अपराधियों के अंगुली चिन्हों का डिजिटल संकलन और विश्लेषण किया जा रहा है। इस आधुनिक व्यवस्था से अपराधियों की त्वरित पहचान संभव हो रही है, जिससे अपराधों के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी आई है।
चारों जनपदों ने 1466 अपराधियों के अंगुली चिन्ह किए दर्ज
मई 2026 के दौरान मेरठ जनपद में 533, बुलंदशहर में 506, बागपत में 215 और हापुड़ में 212 अपराधियों के अंगुली चिन्ह शत-प्रतिशत दर्ज किए गए। इस प्रकार चारों जनपदों ने कुल 1466 अपराधियों के अंगुली चिन्ह नाफिस प्रणाली में दर्ज कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।
नियमित समीक्षा और तकनीक आधारित कार्यशैली का मिला परिणाम
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कलानिधि नैथानी ने बताया कि परिक्षेत्र के सभी जनपदों में नाफिस प्रणाली के अंतर्गत होने वाली फीडिंग की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा जनपद प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ का मार्च 2026 से लगातार तीसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और पुलिसकर्मियों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
इस उपलब्धि पर पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित कार्य करते रहने के निर्देश दिए।
