कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग रोकने और स्पष्ट नीति बनाने की मांग, सांसद ने जिलाधिकारी को लिखा पत्र

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Demand Raised to Stop Sealing of Coaching Institutes and Form a Clear Policy; MP Writes Letter to District Magistrate | IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

मोदीनगर (शिखर समाचार)। बागपत मोदीनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को पत्र भेजकर कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए स्पष्ट, व्यावहारिक और एकरूप नीति बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जब तक सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर नई नीति लागू नहीं हो जाती, तब तक कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध की जा रही सीलिंग तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

विभागीय नियमों में विरोधाभास से बढ़ी मुश्किलें

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभागों के नियमों में विरोधाभास होने के कारण कोचिंग संस्थानों का संचालन कठिन हो गया है। उच्च शिक्षा कार्यालय पंजीकरण के लिए वाणिज्यिक भवन की अनिवार्यता बताता है, जबकि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण वाणिज्यिक भवनों में संचालित संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई कर केवल शैक्षणिक उपयोग की भूमि पर संचालन की बात कह रहा है। ऐसी भूमि अत्यंत सीमित होने के कारण संस्थान संचालक और विद्यार्थी दोनों परेशानी का सामना कर रहे हैं।

नई नीति और पारदर्शी प्रक्रिया की उठी मांग

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसी नीति तैयार की जाए, जो व्यवहारिक होने के साथ विद्यार्थियों और संस्थानों के हितों की भी रक्षा करे। सांसद ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन कोचिंग संस्थानों के लिए नए मानक निर्धारित करता है तो उन्हें पूरा करने के लिए संस्थानों को कम से कम एक से दो माह का समय दिया जाए। साथ ही अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।

डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अनेक छात्र-छात्राओं ने उन्हें ज्ञापन देकर इस समस्या से अवगत कराया था। विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शीघ्र समाधान की मांग की है।

Share This Article
Leave a comment