गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
वसुंधरा योजना में भू-उपयोग नियमों की धज्जियां उड़ाकर आवासीय भवनों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण खण्ड-1 की टीम ने भारी जनविरोध का डटकर सामना करते हुए सेक्टर-1, 2 और 5 में सघन सीलिंग अभियान चलाया और एक दर्जन से अधिक परिसरों पर ताला जड़ दिया।
अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर चला सीलिंग अभियान
अधिशासी अभियंता निखिल महेश्वरी के नेतृत्व में पहुंची टीम को कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और संचालकों के भारी हंगामे और विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि, टीम ने बिना किसी दबाव में आए अपनी कार्रवाई को सख्ती से अंजाम दिया। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से उन परिसरों को निशाना बनाया गया, जहां आवासीय भूखंडों पर धड़ल्ले से व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाए जा रहे थे।
12 परिसरों पर सील, होटलों और कोचिंग संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई
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टीम ने नियम विरुद्ध चल रहे कुल 12 परिसरों को सील किया है। इनमें सबसे अधिक संख्या होटलों और कोचिंग संस्थानों की है। सील की गई संपत्तियों में होटल, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, प्ले स्कूल और रेस्टोरेंट शामिल हैं।
- होटल: 6
- कोचिंग सेंटर: 3
- लाइब्रेरी: 1
- प्ले स्कूल: 1
- रेस्टोरेंट: 1
सीलिंग की कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी सीलबंद परिसरों को आगे की निगरानी के लिए पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है, ताकि कोई भी अवैध रूप से सील तोड़ने का प्रयास न कर सके। इस कार्रवाई से आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से दुकान और शोरूम चलाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भू-उपयोग परिवर्तन के बिना आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
