डिजिटल अरेस्ट : बैंक के रिटायर्ड प्रबंधक से ठगी करने वाला 1 अभियुक्त गिरफ़्तार

Rashtriya Shikhar
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Digital Arrest: One accused arrested for cheating a retired bank manager. IMAGE CREDIT TO पुलिस

# गाजियाबाद (शिखर समाचार): ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार, 19 लाख रुपये फ्रीज

साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य दबोचा

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गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य शुभम को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही ठगी की रकम में से 19 लाख रुपये फ्रीज कराने में भी सफलता प्राप्त की है।

एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि रामप्रकाश हुरिया निवासी रामप्रस्थ कॉलोनी को 22 मई से 4 जून 2026 तक साइबर अपराधियों ने अपना निशाना बनाया था। आरोपियों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का भय दिखाकर कई दिनों तक तथाकथित डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान पीड़ित पर लगातार मानसिक दबाव बनाते हुए उनके बैंक खाते से करीब 2.19 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए थे।

बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर, कमीशन के लालच में जुड़ा आरोपी

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मामले में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र से गिरोह के सदस्य शुभम सिंह यादव को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक शुभम ने पूछताछ में बताया कि उसने एमबीए करने के बाद होटल लीज और कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया था। उसकी मुलाकात हरिओम पांडेय से हुई, जिसने शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर बैंक खातों की व्यवस्था कराने के लिए उसे तैयार किया। इसके बदले खाते में आने वाली रकम का पांच प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया गया। आरोपी ने अपने इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स और ओटीपी फॉरवर्ड करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी, जिससे साइबर ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर की जाती रही।

विदेश से ऑपरेट होता था नेटवर्क, कई राज्यों से जुड़े सिम कार्ड इस्तेमाल

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जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना हरिओम पांडेय विदेश में बैठे अपने साथियों के संपर्क में था। विदेशी सदस्य, विशेषकर सिंगापुर और कंबोडिया से व्हाट्सएप कॉल कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देते थे। पीड़ितों से ठगी गई रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर बाद में क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से कमीशन विदेश भेजा जाता था। इस अपराध में प्रयुक्त सिम कार्ड अमरोहा, बहाबलपुर और फरीदकोट से जारी किए गए थे। संबंधित पॉइंट ऑफ सेल संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी शुभम सिंह यादव (उम्र 37 वर्ष), निवासी श्रीनगर आलमबाग लखनऊ, एमबीए शिक्षित है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब फरार आरोपी हरिओम पांडेय, आसिफ अंसारी और ओंकार श्रीवास्तव की तलाश में जुटी है। इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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