हापुड़ (शिखर समाचार)
जिला मुख्यालय पर मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं पारंपरिक तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला अधिकारी कविता मीणा और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानजय सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया।
मोहर्रम के लिए पारंपरिक व्यवस्था और सख्त दिशा-निर्देश
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मोहर्रम के दौरान कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी तथा अलम और ताजिया केवल पूर्व निर्धारित एवं पारंपरिक मार्गों से ही निकाले जाएंगे। ताजिया एवं अलम की ऊंचाई पांच फीट से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए गए ताकि विद्युत लाइनों से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने संवेदनशील स्थलों पर पीएसी, पुलिस बल तथा दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जुलूसों और आयोजनों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने अथवा भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मूलभूत सुविधाओं और विभागीय तैयारियों पर जोर
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/
बैठक में विभिन्न विभागों को मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। नगर निकायों को जुलूस मार्गों की विशेष साफ-सफाई, गड्ढों की मरम्मत और जलभराव की समस्या दूर करने को कहा गया। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने तथा मोबाइल ट्रांसफार्मर तैयार रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, एम्बुलेंस और चिकित्सकीय टीमों की तैनाती तथा सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता से पूरा करने के आदेश दिए गए।
जिला अधिकारी कविता मीणा और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानजय सिंह ने नागरिकों से अपील की कि मोहर्रम पर्व पारंपरिक तरीके से मनाएं और किसी भी समस्या की स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें। उन्होंने कहा कि डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा रात्रिकालीन कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होगी।
