गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना ट्रॉनिका सिटी पुलिस ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस संबंध में 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं इस गिरोह के पांच सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस ने गिरोह के सुनील, संजय, राजेंद्र, सूर्य, पवन, मनोज, राबिया, विनीत, कृष्णा, फार्मीना, ज्योति, पूजा और कुमकुम को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 3 वाहन, 2 लाख 90 हजार रुपये के नकली नोट व अपहृता नवजात शिशु (उम्र 11 दिन) को सकुशल बरामद किया। खास बात यह है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग का काम कर रहा था।
26 मई को दर्ज मुकदमे से शुरू हुई जांच
संवाददाता सम्मेलन में एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि बीती 26 मई 2026 को पूजा ने अपने बच्चे के घर से गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिसके बाद जांच में इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ और सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गर्भवती महिलाओं को बनाते थे निशाना
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पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह संगठित गिरोह गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करता था और उनसे उनके बच्चे की मांग करता था, जिसके बदले उन्हें पैसे दिए जाते थे। यदि कोई महिला अपने बच्चे को बेचने के लिए तैयार नहीं होती थी तो उसका अपहरण कर लिया जाता था।
इसके बाद अपहृत बच्चों को मांग के अनुसार बेच दिया जाता था और इस पूरे लेन-देन में नकली नोटों का भी इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और विभिन्न माध्यमों से बच्चों की खरीद-फरोख्त कर रहा था।
