ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश डॉ. आदर्श सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, गौतमबुद्धनगर में मेरठ प्रभार के समस्त आबकारी अधिकारियों एवं जनपदों में तैनात आबकारी निरीक्षकों की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए राजस्व वृद्धि, मदिरा बिक्री में पारदर्शिता तथा आबकारी नियमों के प्रभावी अनुपालन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पीओएस सिस्टम से बिक्री अनिवार्य, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी जनपदों के फुटकर अनुज्ञापनों पर बिक्री पूर्ण रूप से पीओएस मशीनों के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी थोक अनुज्ञापनों, बीआईओ, बॉन्ड, बार अनुज्ञापनों तथा प्रीमियम विक्रय केंद्रों पर प्राप्त होने वाली समस्त मदिरा को स्टॉक-इन कर पीओएस प्रणाली के माध्यम से ही बिक्री की जाए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर इसका अनुपालन नहीं पाया गया तो संबंधित आबकारी निरीक्षक एवं अनुज्ञापन धारक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्टॉक जांच और मॉडल शॉप संचालन पर जोर
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आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों में संचालित सभी बीआईओ तथा बीडब्ल्यूएफएल-2ए, 2बी और 2सी इकाइयों पर अन्य राज्यों से आने वाली मदिरा के स्टॉक का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जाए। साथ ही सीमा शुल्क बॉन्ड से मदिरा की निकासी निर्धारित नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में मेरठ प्रभार के अंतर्गत कंपोजिट दुकानों से मॉडल शॉप में परिवर्तित सभी दुकानों का संचालन नियमों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रीमियम दुकानों और राजस्व लक्ष्य पर फोकस
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आबकारी आयुक्त ने कहा कि नोएडा एवं गाजियाबाद में बड़े वाणिज्यिक केंद्रों में प्रीमियम रिटेल वेंड अनुज्ञापन स्थापित करने के प्रयास तेज किए जाएं। साथ ही कम-अल्कोहल बार एवं प्रीमियम रिटेल वेंड अनुज्ञापनों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि देशी मदिरा की दुकानों पर अन्य किसी प्रकार की मदिरा परोसने या पिलाने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मॉडल शॉपों और कंपोजिट दुकानों पर भारतीय निर्मित प्रीमियम ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नए प्रीमियम रिटेल वेंड स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
बैठक में मेरठ जोन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर के आबकारी अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान राजस्व लक्ष्य, प्रवर्तन गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली को लेकर शासन की मंशा के अनुरूप सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
