गाजियाबाद (शिखर समाचार)। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कानून-व्यवस्था को अधिक मजबूत करते हुए अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत थाना स्तर पर पुलिस टीमें सक्रिय होकर अपने-अपने क्षेत्रों में दर्ज हिस्ट्रीशीटरों की वर्तमान गतिविधियों, निवास स्थान, सामाजिक व्यवहार और आपराधिक गतिविधियों की जांच कर रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि पुराने अपराधी दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त न हों और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो उसके विरुद्ध समय रहते कार्रवाई की जा सके।
थाना स्तर पर हिस्ट्रीशीटरों का भौतिक सत्यापन अभियान
इस विशेष अभियान के दौरान थाना प्रभारियों और बीट पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में दर्ज प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर का भौतिक सत्यापन करें। इसके लिए पुलिस टीमें उनके घर पहुंचकर उनकी मौजूदगी की पुष्टि कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में क्या कार्य कर रहा है, उसका रहन-सहन कैसा है और क्या वह किसी नए आपराधिक गिरोह या गतिविधि से जुड़ा हुआ है।
पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर
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पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि ऐसे कई अपराधी गाजियाबाद में हैं, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है और उनके नाम थानों की हिस्ट्रीशीट में दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट, डकैती, वाहन चोरी, अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहे लोग भी शामिल हैं। समय-समय पर इन व्यक्तियों की निगरानी और सत्यापन करना अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

स्थानीय लोगों से भी जुटाई जा रही जानकारी
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अभियान के दौरान पुलिस केवल हिस्ट्रीशीटरों की उपस्थिति ही दर्ज नहीं कर रही, बल्कि उनके पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि संबंधित व्यक्ति का व्यवहार कैसा है, क्या वह समाज में सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है या फिर किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल है। यदि किसी हिस्ट्रीशीटर के बारे में शिकायत या संदिग्ध सूचना मिलती है तो उसकी गहन जांच की जाएगी।
