नोएडा (शिखर समाचार)। पर्यावरण संरक्षण और यमुना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने की दिशा में नोएडा लोकमंच ने एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। संस्था ने यमुना नदी के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर एक विशाल ऑक्सीजन बैंक विकसित करने का संकल्प लिया है। इस अभियान के तहत सेक्टर-14ए से लेकर ग्रेटर नोएडा तक यमुना तटवर्ती क्षेत्र में लगभग पांच लाख पौधे लगाने की योजना बनाई गई है।
इस संबंध में लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को तीसरा पत्र भेजकर अभियान के लिए सहयोग और आवश्यक अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है। इससे पहले लोकमंच द्वारा सांसद, विधायक, नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों को भी पत्र भेजे जा चुके हैं।
यमुना संरक्षण और हरित विकास पर गंभीर चर्चा
शनिवार को सेक्टर-15 स्थित लोकमंच कार्यालय में आयोजित बैठक में यमुना नदी के बदलते स्वरूप, बढ़ते प्रदूषण और उसके संरक्षण के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए समाज और प्रशासन दोनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में यमुना तट को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने तथा बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। सदस्यों का मानना है कि यदि यमुना किनारे लाखों पेड़ लगाए जाते हैं तो इससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ेगा, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। साथ ही भूजल स्तर सुधारने और प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।
जनआंदोलन के रूप में अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प
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लोकमंच के पदाधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जनभागीदारी से जोड़कर जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। वृक्षारोपण से मिट्टी के कटाव को रोकने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। संस्था का लक्ष्य पहले चरण में पांच लाख पौधे लगाकर उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में यमुना तट एक सघन हरित क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यमुना संरक्षण और हरित विकास से जुड़े सुझावों का विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाए। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में अभियान को सरकारी सहयोग के साथ व्यापक स्तर पर लागू करने की मांग की गई है। लोकमंच का मानना है कि प्रशासनिक सहयोग मिलने पर यह परियोजना प्रदेश के सबसे बड़े पर्यावरणीय अभियानों में शामिल हो सकती है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता और अपेक्षित प्रभाव
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बैठक में सीबी झा, दीपिका ठाकुर, डॉ. उमेश, इंदिरा चौधरी, लिका सक्सेना, महेश सक्सेना, मुक्ता गुप्ता, प्रदीप वोहरा, आरएन श्रीवास्तव, रामशरण गौड़, एसके जैन, संतोष ठाकुर, सुरेश अग्रवाल, विभा बंसल, विनोद शर्मा और रेनु छिब्बर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे।
लोकमंच का यह अभियान यदि सफल होता है तो यमुना तट पर विकसित होने वाला यह ‘ऑक्सीजन बैंक’ न केवल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
