मेरठ (शिखर समाचार)। गंगा दशहरा पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि पर्व के दौरान गंगा सहित अन्य प्रमुख नदियों के घाटों पर लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, जिसके मद्देनजर सुरक्षा, यातायात और आपदा प्रबंधन की विशेष तैयारियां की गई हैं।
घाटों पर भारी पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिक्षेत्र के जनपदों में 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 19 क्षेत्राधिकारी, 87 निरीक्षक, 523 उपनिरीक्षक, 634 मुख्य आरक्षी, 638 आरक्षी, 240 होमगार्ड/पीआरडी जवान तथा 3 कंपनी पीएसी तैनात की गई है। मेरठ परिक्षेत्र के चारों जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में कुल 23 घाटों पर स्नान होगा। इनमें मेरठ में 5, बुलंदशहर में 14, बागपत में 1 तथा हापुड़ में 3 घाट शामिल हैं।
डीआईजी ने बताया कि हापुड़ जनपद की तीर्थनगरी ब्रजघाट में दूर-दराज क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए हापुड़ को अन्य जनपदों से अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया है। इसमें 5 पुलिस उपाधीक्षक, 25 निरीक्षक, 140 उपनिरीक्षक, 350 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 40 महिला उपनिरीक्षक, 130 महिला मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 15 यातायात उपनिरीक्षक तथा 40 यातायात आरक्षी तैनात किए गए हैं।
आपदा प्रबंधन, निगरानी और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
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इसके अतिरिक्त पीएसी, फ्लड पीएसी, फायर टेंडर, यातायात वाहन, क्रेन, एंबुलेंस, बीडीएस टीम, हैंड हेल्ड सेट और स्टेटिक सेट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत जल पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, घुड़सवार पुलिस, महिला पुलिस एवं यातायात पुलिस की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस प्रशासन ने सभी घाटों पर बैरिकेडिंग, गहरे पानी के चेतावनी बोर्ड, नावों पर लाइफ जैकेट और रेट सूची लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं महिलाओं से छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग और झपटमारी रोकने के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। घाटों और मेलों में भीड़ नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था के लिए विशेष योजना लागू की गई है।
परिक्षेत्र के सभी जनपदों में पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समिति, आयोजकों और विभिन्न विभागों के साथ बैठकें भी आयोजित की गई हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करने और किसी भी नई विवादित परंपरा की अनुमति न देने के निर्देश भी दिए हैं। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी स्नान स्थलों का भौतिक सत्यापन कर सुरक्षा योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार रखा जाए।
