आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध कालोनियों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जीडीए की प्रवर्तन टीम ने मुरादनगर के ग्राम असालतनगर में लगभग 23 हजार वर्ग मीटर (करीब 5.5 एकड़) भूमि पर काटी जा रही एक बड़ी अवैध कालोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कालोनाइजरों और उनके समर्थकों ने कार्रवाई का भारी विरोध किया, लेकिन पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली।
बिना नक्शे के हो रही थी प्लाटिंग
जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देशों पर प्रभारी प्रवर्तन जोन-02 के नेतृत्व में टीम असालतनगर पहुंची थी। यहाँ खसरा संख्या-181 में अमित त्यागी पुत्र ज्ञानेश्वर त्यागी, विश्वजीत व सिद्धार्थ पुत्रगण देवदत्त त्यागी और सोमदत्त त्यागी पुत्र शौराज सिंह द्वारा बड़े पैमाने पर मिट्टी का भराव कर अवैध प्लाटिंग का काम किया जा रहा था। जब प्राधिकरण की टीम ने उनसे कालोनी का स्वीकृत ले-आउट या मानचित्र (मैप) मांगा, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
साइट ऑफिस और सड़कें कीं जमींदोज
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अवैध घोषित होने के बाद जीडीए के दस्ते ने बिना वक्त गंवाए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। बुलडोजर की मदद से कालोनाइजर द्वारा बनाई गई पक्की सड़कें, भूखंडों की बाउंड्रीवॉल और मौके पर बने साइट ऑफिस को ढहा दिया गया।
भारी विरोध के बावजूद झुका प्रशासन
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कार्रवाई शुरू होते ही कालोनाइजर और स्थानीय लोगों ने टीम को घेरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया और काम रोकने का प्रयास किया। माहौल गरमाता देख प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते और साथ मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और सख्त रुख अपनाते हुए विरोध को शांत कराया, जिसके बाद पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
मौके पर तैनात रहा भारी अमला
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इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर जीडीए के सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्रवर्तन जोन-02 के सभी स्टाफ सदस्य, प्राधिकरण का विशेष पुलिस बल और भारी संख्या में प्रवर्तन दस्ते के जवान तैनात रहे ताकि कानून व्यवस्था न बिगड़े। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी सूरत में अवैध प्लाटिंग नहीं होने दी जाएगी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
