नौकरी से निकालने पर बिल्डर के खिलाफ रचा रंगदारी का षड़यंत्र, महिला सहित 2 अभियुक्त गिरफ्तार, सुंदर भाटी के नाम पर मांगी 10 करोड़ की रंगदारी

Rashtriya Shikhar
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After being fired from a job, a extortion conspiracy was plotted against a builder; two accused, including a woman, arrested. A demand of ₹10 crore extortion was made in the name of gangster Sunder Bhati. IMAGE CREDIT TO POLICE

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। सविता ने नौकरी से निकाले जाने के बाद नोएडा के बिल्डर अर्पित गुप्ता से ही रंगदारी मांगने का षड्यंत्र रच दिया। सविता ने अपने साथी रविंद्र और तुषार के साथ मिलकर कुख्यात सुंदर भाटी के नाम से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी बिल्डर से मांगी। पुलिस ने इस मामले में तीनों को गिरफ्तार करते हुए पांच मोबाइल फोन बरामद किए।

शिकायत के बाद पुलिस की जांच और ट्रेसिंग

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संवाददाता सम्मेलन में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि अर्पित गुप्ता ने 11 अप्रैल 2026 को शिकायत दी थी कि कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी गैंग का सदस्य बताकर उससे 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी जा रही है और पैसे न देने पर परिवार की हत्या की धमकी दी जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धमकी देने वाले नंबरों की ट्रेसिंग शुरू की, जिसके बाद पूर्व कर्मचारी सविता चौधरी, रविंद्र और तुषार को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से वही मोबाइल फोन भी बरामद हुआ जिससे कॉल और व्हाट्सएप के जरिए धमकी दी जा रही थी।

बदला लेने के लिए रची गई साजिश

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पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सविता पहले अर्पित गुप्ता के यहां प्रॉपर्टी डीलिंग के मैनेजमेंट का काम करती थी। कुछ समय पहले उसे नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद उसने बदला लेने की योजना बनाई।

इसके बाद उसने रविंद्र को पूरी योजना में शामिल किया और अर्पित गुप्ता के बढ़ते कारोबार का हवाला देकर उससे रंगदारी वसूलने की बात कही। बाद में तुषार को भी इस साजिश में जोड़ लिया गया। आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए कुख्यात अपराधी सुंदर भाटी के नाम का इस्तेमाल किया और अलग-अलग लोकेशन से कॉल व व्हाट्सएप के जरिए धमकी देना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसका मकसद सिर्फ पैसे वसूलना था।

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