गाज़ियाबाद (शिखर समाचार)। आईएमएस गाज़ियाबाद में इंस्टीटूशन इनोवेशन काउंसिल के सहयोग से एक ज्ञानवर्धक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। ‘इनोवेट, इम्प्लीमेंट, इन्फ्लुएंस’ थीम पर आधारित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक उद्यमशीलता का ज्ञान देना और उन्हें अपने विचारों को प्रभावी स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ और प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के जनरल सेक्रेटरी सीए (डॉ.) राकेश छारिया, मुख्य वक्ता रविंद्र चंदन (संस्थापक एवं सीईओ, बिजौल), प्रशांत सिरोही (स्किल रिपोर्टर, द एडु प्रेस), निदेशक प्रो. (डॉ.) जसकिरण कौर एवं अकादमिक डीन डॉ. गीति शर्मा ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया।
पहले सत्र में रविंद्र चंदन ने स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाना और वित्तीय प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बूटस्ट्रैपिंग के महत्व को समझाते हुए पीयर-टू-पीयर, रिवार्ड आधारित और रेवेन्यू आधारित फंडिंग जैसे विकल्पों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता में एक्जीक्यूशन सबसे महत्वपूर्ण है और निवेश से पहले पायलट चरण पूरा करना आवश्यक है।
कानूनी एवं नैतिक पहलुओं पर चर्चा
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/
दूसरे सत्र में प्रशांत सिरोही ने स्टार्टअप के कानूनी एवं नैतिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई स्टार्टअप सह-संस्थापकों के बीच विवाद, इक्विटी असंतुलन और कानूनी जटिलताओं के कारण असफल हो जाते हैं। उन्होंने इक्विटी वितरण से पहले स्पष्ट समझ और आपसी विश्वास की आवश्यकता पर बल दिया।
निदेशक प्रो. (डॉ.) जसकिरण कौर ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में नवाचार ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रयोग करने और अपने विचारों पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया।
बी-प्लान प्रतियोगिता का आयोजन
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/
कार्यशाला के अंतर्गत बिजनेस प्लान (बी-प्लान) प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में आईआईएम विशाखापत्तनम के प्रियांशु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एनएसयूटी के आयुष द्वितीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरभि जौहरी ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का सफल समापन हुआ।
