नई दिल्ली (शिखर समाचार)
नारायणी सेना के पदाधिकारियों ने यूजीसी के विरोध और पृथ्वी स्वरूपा गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर और लाल किला क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार से कार्रवाई की अपील की।
यूजीसी और गौ माता की हत्याओं के खिलाफ आवाज
नारायणी सेना के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य रामानुज ने कहा कि यह युग की क्रांति का शंखनाद है और धर्मयुद्ध का प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी स्वरूपा गौ माता की हत्याएं, बहन-बेटियों की तस्करी और उनकी करुण वेदना व्यर्थ नहीं जाएगी। उनका कहना था कि सनातन परंपरा और संस्कृति पर लगातार आघात किए जा रहे हैं। कभी मठ मंदिरों के अधिग्रहण की बात सामने आती है तो कभी गौ, ब्राह्मण और संतों के खिलाफ षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
यूजीसी के नाम पर हिंदू समाज में फूट की साजिश
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आचार्य रामानुज ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नाम पर हिंदुओं को आपस में लड़ाने की साजिश की जा रही है, जिससे सनातन समाज की एकता खंडित हो रही है। नारायणी सेना ने भारत सरकार से मांग की कि यूजीसी पर रोक लगाई जाए, ताकि सनातन राष्ट्र का सपना साकार हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेता
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इस अवसर पर नारायणी सेना के राष्ट्रीय संगठक तथा अंतरराष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के अध्यक्ष ठाकुर अनिल सिंह, प्रांतीय प्रभारी दीपक शुक्ला, तिरंगा महाराज, जय ओम मिश्रा, नागेंद्र सिंह और दिल्ली प्रभारी भीम सिंह दहिया सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में संगठन के कार्यकर्ताओं ने धर्मों रक्षति रक्षिता और नमो नारायण के जयघोष के साथ अपने विचार व्यक्त किए।
