नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार) क्षेत्र में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभा में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज की मजबूती आपसी एकजुटता में है और जाति-पांत के भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित होना समय की आवश्यकता है। सम्मेलन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ती रही और पूरे आयोजन में उत्साह का वातावरण बना रहा।
धर्म, एकता और उत्साह का भव्य संगम बना कृष्ण वेंकट सभागार
हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति (लवकुश बस्ती एवं माधव बस्ती) के तत्वावधान में कृष्ण वेंकट सभागार के विस्तृत मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता मनोज वाल्मीकि और महेंद्र सैनी ने संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी अनिल राणा ने संभाली। कार्यक्रम में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
मुख्य अतिथि महंत बच्चा बर्फानी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और उन्नति समाज और धर्म की मजबूती से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक संगठनों के साथ संत समाज भी सनातन परंपरा के जागरण के लिए सक्रिय है और देशभर में हजारों जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संगठन समाज की प्रेरणा से संस्कृति और राष्ट्रहित में लगातार कार्य कर रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि महिपाल, विभाग संघचालक, ने संगठन की सौ वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्व के सबसे बड़े सामाजिक संगठनों में से एक है जिसने लंबे समय तक निरंतर कार्य कर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा और जीवन मूल्यों की वैश्विक स्तर पर अलग पहचान है, इसलिए समाज को आंतरिक विभाजनों से ऊपर उठकर सामूहिक शक्ति का परिचय देना चाहिए, तभी देश आगे बढ़ेगा।
पाश्चात्य प्रभाव के बीच संस्कारों की रक्षा का आह्वान
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मुख्य वक्ता अनुज कुमार, शारीरिक शिक्षण प्रमुख, ने कहा कि नई पीढ़ी तेज़ी से पाश्चात्य जीवनशैली की ओर आकर्षित हो रही है, जिससे पारंपरिक संस्कार और सांस्कृतिक जड़ें कमजोर पड़ रही हैं। उन्होंने परिवारों से बच्चों को अपनी परंपराओं, भाषा और जीवन मूल्यों से जोड़ने का आग्रह किया।
सम्मेलन के दौरान अतिथियों और प्रमुख सहयोगियों को भगवा पगड़ी, शाल और भारत माता का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में अनिल कुमार शर्मा, सिम्मी पाल, ओमकुमार चौहान, आसाराम सैनी, संजय वर्मा, अनमोल कंसोल, राजकुमार चावला, रोहन राज, अतुल गुप्ता, ललित कुमार, रिंकू सैनी, सुंदर प्रजापति, संदीप वाल्मीकि, कपिल पवार, राजीव कुमार, विवेक शर्मा, चांद मल्होत्रा, लक्ष्मण सैनी, शिवचरण सैनी, राहुल सैनी, बृजेश सैनी, ऋषिपाल, महेश कुमार, सचिन कुमार, प्रमोद कुमार, महावीर सिंह सैनी और मुकेश अधिवक्ता सहित अनेक लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।
