डेल्टा वन में दूषित जलापूर्ति की शिकायत पर प्राधिकरण की त्वरित कार्रवाई, एसीईओ ने मौके पर पहुंचकर संभाली कमान

Rashtriya Shikhar
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Immediate action by the authority on the complaint of contaminated water supply in Delta Forest, ACEO reached the spot and took command IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। सेक्टर डेल्टा वन में दूषित जलापूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने जल विभाग की टीम के साथ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं जलापूर्ति व्यवस्था का परीक्षण किया और शिकायत दर्ज कराने वाले निवासियों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। निवासियों ने बताया कि प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद अब उनके घरों में स्वच्छ और साफ पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे उन्हें राहत मिली है।

जलापूर्ति सुधार अभियान: तुरंत जांच और मरम्मत से समिति ने जताई संतुष्टि

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अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने सेक्टर की आवासीय कल्याण समिति के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की और जलापूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। समिति के पदाधिकारियों ने प्राधिकरण की तत्परता की सराहना करते हुए संतोष व्यक्त किया। प्राधिकरण की ओर से एहतियातन दूषित पानी की शिकायत करने वाले कुछ घरों से पानी के नमूने भी एकत्र किए गए, जिन्हें उसी दिन जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया। इसके साथ ही जिन दो स्थानों पर पाइपलाइन में रिसाव और कनेक्शन में तकनीकी खामी पाई गई थी, उन्हें भी तत्काल ठीक करा दिया गया।

जल विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि यदि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कहीं भी दूषित जलापूर्ति की समस्या सामने आती है तो वे वरिष्ठ प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 9205691408 तथा प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 8937024017 पर तुरंत सूचना दें, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान कराया जा सके। उधर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार ने पूरे क्षेत्र में जलापूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी सेक्टरों में पानी की आकस्मिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जल विभाग द्वारा इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। जिन क्षेत्रों में प्राधिकरण द्वारा सीधे जलापूर्ति की जाती है, वहां पानी की जांच प्राधिकरण स्वयं कराएगा, जबकि बिल्डर आधारित आवासीय परिसरों और आवासीय समितियों में यह जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन समिति की होगी। जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्राधिकरण के जल विभाग में जमा करानी होगी। इसी प्रकार औद्योगिक, व्यावसायिक, सूचना प्रौद्योगिकी तथा संस्थागत क्षेत्रों में भी जल गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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