गाजियाबाद (शिखर समाचार)। मसूरी थाना क्षेत्र के नहल गांव में आवारा कुत्तों के हमले में 5 वर्षीय मासूम अमन की मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नगर निगम से आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी आवारा कुत्तों के हमले में बच्चे घायल हो चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
मां के पीछे निकला मासूम, कुत्तों ने किया हमला
परिजनों के मुताबिक अमन अपनी मां के पीछे-पीछे घर से बाहर निकला था। इसी दौरान मोहल्ले में मौजूद आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले में अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजन आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। मासूम की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान अमन ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि नहल गांव और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार कुत्ते राहगीरों और बच्चों पर हमला कर चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
सांसद ने जताई चिंता, नगर निगम से कार्रवाई की मांग
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घटना को लेकर गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पशु प्रेम होना अच्छी बात है, लेकिन यदि आक्रामक हो चुके जानवरों से इंसानी जान को खतरा पैदा हो रहा है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। सांसद ने लोगों से अपील कि यदि वह कुत्तों से प्रेम करते हैं तो उन्हें घर में पालें और सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाने से बचें। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे और मामले को लेकर न्यायालय में भी प्रयास करेंगे।
अमन के चाचा ने बताया कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। इससे पहले भी कुत्तों के हमले में कई बच्चे घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि क्षेत्र में घूम रहे आक्रामक और आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। साथ ही ऐसे स्थानों को चिन्हित कर प्रभावी कदम उठाए जाएं, जहां बड़ी संख्या में कुत्ते जमा रहते हैं। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में भी ऐसी दर्दनाक घटनाएं हो सकती हैं।
