हरिद्वार (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में परिवहन, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने जनपद में चिन्हित 25 दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर तत्काल सुधारात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। जहां संकेतक पट्ट, प्रकाश व्यवस्था, सड़क चिह्नांकन, गति अवरोधक अथवा अन्य सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरा करने को कहा गया।
यातायात नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
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मुख्य विकास अधिकारी ने परिवहन और पुलिस विभाग को तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि जनवरी से जून 2026 तक मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत 19,523 चालान किए गए। इनमें बिना हेलमेट, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, बिना सीट बेल्ट, गलत दिशा में वाहन चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग, नो पार्किंग तथा नशे में वाहन चलाने जैसे मामलों में कार्रवाई की गई।
स्कूलों और अस्पतालों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
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मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने तथा चिकित्सा विभाग को दुर्घटना पीड़ितों के त्वरित उपचार के लिए सभी अस्पतालों का समन्वित पैनल तैयार करने के निर्देश दिए।
साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के साथ संयुक्त अभियान चलाने को कहा गया।
बैठक में सड़क सुरक्षा ऑडिट, चेतावनी संकेतकों की स्थापना, परावर्तक चिह्नांकन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी।
