हरिद्वार (शिखर समाचार)। ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। रुड़की विकासखंड की बेलड़ा ग्राम पंचायत को मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना के सफल होने पर इसे जिले और राज्य की अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू करने की तैयारी है।
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रहीं घर-घर कूड़ा संग्रहण
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया है। राधे-राधे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र कर रही हैं। इसके लिए प्रत्येक परिवार से मात्र 30 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में नियमित कूड़ा संग्रहण होने से गांव में स्वच्छता व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने बुधवार को ग्राम पंचायत बेलड़ा का निरीक्षण कर घर-घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कूड़ा एकत्र करने की प्रक्रिया और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली। महिलाओं के उत्साह और कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उन्होंने प्रत्येक विकासखंड से 10-10 ग्राम प्रधानों की टीम बनाकर बेलड़ा का अध्ययन भ्रमण कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य अन्य ग्राम पंचायतों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करना है।
स्वच्छता के साथ ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
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निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से स्वच्छता के साथ ग्रामीण आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिलेगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्वच्छता नियंत्रण कक्ष के प्रभारी नोडल अधिकारी स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी को ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों को सूचीबद्ध करने और सुझाव तथा आवश्यक संसाधनों की मांग संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों से ग्राम प्रधानों के समूह बनाकर बेलड़ा मॉडल का अध्ययन कराने और इसी तर्ज पर कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने को कहा। ग्रामीण स्वच्छता से संबंधित समस्याएं और सुझाव नियंत्रण कक्ष के माध्यम से दर्ज कराए जा सकेंगे।
