मेरठ (शिखर समाचार)। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने गुरुवार को जनपद मेरठ के परतापुर थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, भोजनालय, बैरक, मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र और साइबर सहायता डेस्क का निरीक्षण किया तथा विवेचकों के अनुसार लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से संवाद कर छोटी से छोटी घटना की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
बीट कर्मियों की सक्रियता और वारंटों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
डीआईजी ने सभी बीट कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहने तथा ग्राम चौकीदारों से नियमित संपर्क रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीट आरक्षी अपने क्षेत्र में दर्ज होने वाले अभियोगों और जेल में निरुद्ध व्यक्तियों की जानकारी रखें। गैर-जमानती वारंटों के लंबित मामलों की प्रतिदिन थाना प्रभारी स्वयं निगरानी करें और अधिक से अधिक गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पासपोर्ट एवं चरित्र सत्यापन के लिए लोगों को थाने न बुलाकर संबंधित उपनिरीक्षक और बीट आरक्षी मौके पर जाकर सत्यापन करें तथा निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी करें।
मिशन शक्ति केंद्र, मालखाना और शस्त्रों की साफ-सफाई की समीक्षा
मिशन शक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता से दर्ज करने, उत्तर प्रदेश-112 पर प्राप्त महिला संबंधी घटनाओं को केंद्र के रजिस्टर में दर्ज कर कार्रवाई और प्रतिक्रिया लेने के निर्देश दिए। क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी को मिशन शक्ति केंद्र और एंटी रोमियो अभियान की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। थानों के जर्जर भवनों की पत्रावली तैयार कर कार्रवाई, मालखाने के सामान का निस्तारण और अभिलेखों के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। शस्त्रों की साफ-सफाई और पुलिसकर्मियों को शस्त्र संचालन का अभ्यास कराने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण में बेहतर कार्य के लिए उपनिरीक्षक विपिन मिश्रा को पुरस्कृत भी किया गया।
