नई दिल्ली (शिखर समाचार)। केंद्रीय सैनिक सेवा विश्राम बोर्ड, नरायणा स्थित सैनिक सेवा विश्राम गृह में नवचेतना फाउंडेशन एवं भारत भारती सैनिक प्रकोष्ठ के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सैनिक समागम का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती तथा गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में देशभर के 24 राज्यों और 150 शहरों में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा रहा। समागम में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने सहभागिता कर राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। रांची निवासी पूर्व सैनिक सुशील कुमार सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए अतिथियों, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का परिचय कराया। आयोजक यज्ञबल्क शर्मा, इरफान अहमद और विनोद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं पूर्व सैनिकों का पुष्पगुच्छ और माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मान किया।
मुख्य अतिथि सुदर्शन कुमार, मुख्य अभियंता दिल्ली मेट्रो, ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक विविधता के बावजूद राष्ट्रीय एकता को अक्षुण्ण बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी देश को एक सूत्र में बांधे रखने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए उनका त्याग सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण पर वक्ताओं का जोर
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पूर्व सैनिक मेजर संजय मेहरोत्रा ने कहा कि भारतीय सैनिक देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है और भविष्य में भी राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित रहेंगे।
भारत भारती के राष्ट्रीय सचिव रुद्रनारायण तिवारी ने संगठन की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि सैनिकों का अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा सेना में शामिल होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।
विकसित भारत के संकल्प के साथ हुआ समापन
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भारत भारती के उत्तर क्षेत्र प्रभारी इरफान अहमद ने कहा कि संगठन देश के प्रत्येक जिले तक पहुंचकर राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ती अशांति के बीच भारत ही शांति, सह-अस्तित्व और मानवता का संदेश देकर विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है। दिल्ली प्रांत के सचिव विनोद कुमार त्रिपाठी ने सरदार पटेल के त्याग, सादगी और राष्ट्र समर्पण का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
समागम में उत्तर भारत संगठन मंत्री विवेकानंद दीक्षित, अपूर्व पांडे, ईश्वर चंद्र झा, राजेंद्र सिंह, आनंद त्रिपाठी, जयनारायण सिंह यादव, अशोक बच्छावंदिया, हेमलता राठौर और वरीता नैथानी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
दो दिवसीय राष्ट्रीय सैनिक समागम का समापन राष्ट्रगान तथा “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प भी दोहराया गया।
