पटना (शिखर समाचार) बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के सदस्य राजन सिंह ट्रांसजेंडर ने राज्य सरकार पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाते हुए 100 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस जारी किया है। उन्होंने सरकार से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
किन्नर कल्याण बोर्ड सिर्फ़ कागज़ों तक सीमित: राजन सिंह ने सरकार पर उठाए सवाल
राजन सिंह का कहना है कि बिहार में पहली बार इस तरह का ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन तो कर दिया, लेकिन अब तक बोर्ड के संचालन के लिए कार्यालय तक उपलब्ध नहीं कराया गया। बोर्ड केवल कागजों पर सीमित रह गया है, जबकि वास्तविक धरातल पर इसका कोई असर दिखाई नहीं देता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं और पुरुषों के लिए चुनावी घोषणाओं में योजनाएँ लाई जा रही हैं, लेकिन ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए न तो कोई पेंशन योजना है और न ही उत्थान की ठोस नीति। इसे उन्होंने असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण करार दिया।
भेदभाव पर होगी क़ानूनी कार्रवाई: ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर राजन सिंह सख्त
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राजन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समाज कल्याण विभाग या बिहार सरकार का कोई भी विभाग ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ भेदभाव करेगा तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि किन्नर कल्याण बोर्ड केवल सरकारी कागजों पर नहीं रहेगा, बल्कि धरातल पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान दिलाने के लिए कार्य करेगा।
यह नोटिस ऐसे समय में जारी हुआ है जब बिहार में चुनावी माहौल गर्म है और विभिन्न समुदायों को साधने के लिए राजनीतिक घोषणाएँ की जा रही हैं। राजन सिंह ने साफ कहा कि ट्रांसजेंडर और एलजीबीटी समुदाय की राजनीतिक व सामाजिक भागीदारी को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
