हापुड़ (शिखर समाचार)। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव बदनौली में शुक्रवार को दो पक्षों के बीच हुई मारपीट, पथराव और फायरिंग में घायल दलित युवक दीपक की रविवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर गांव पहुंचते ही तनाव बढ़ गया। घटना के विरोध में आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मोदीनगर रोड तथा मेरठ रोड स्थित अंबेडकर तिराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी देने, उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने, मृतक के परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की। स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार पूर्व प्रधान संदीप चौधरी के परिवार और दूसरे पक्ष के बीच करीब दो वर्ष से जिम तथा सामाजिक माध्यम पर टिप्पणी को लेकर विवाद चल रहा था। पहले भी इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शुक्रवार सुबह प्राथमिकी वापस लेने को लेकर कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में मारपीट, पथराव और फायरिंग हो गई। गोली लगने से तीन लोग घायल हुए थे, जबकि पथराव में महिला मुनेश, दीपक, बंटी समेत चार लोग घायल हुए थे। गंभीर हालत में दीपक को मेरठ रेफर किया गया था।
33 लोगों के खिलाफ मुकदमा, छह आरोपी गिरफ्तार
एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि दलित पक्ष की तहरीर पर 33 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान संदीप सिंह, जगदीश, विपिन, सचिन और कपिल समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
घटना में पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों की जांच के लिए एडीजी के निर्देश पर विशेष जांच दल गठित किया गया है। दल यह जांच करेगा कि सूचना मिलने के बाद पुलिस कितनी देर में मौके पर पहुंची, घायलों को अस्पताल पहुंचाने में कोई लापरवाही हुई या नहीं और घटना के बाद क्या कार्रवाई की गई। तीन दिन में रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।
जाम खुलवाकर शांति की अपील, गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
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जाम की सूचना पर एएसपी विनीत भटनागर, सीओ दीपक और थाना प्रभारी सुरेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया। एएसपी ने कहा कि दीपक की उपचार के दौरान मौत हुई है। छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं और अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
दीपक की मौत के बाद पुलिस के सामने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ गांव में शांति बनाए रखने की दोहरी चुनौती है। उधर बसपा प्रमुख मायावती और नगीना सांसद ने सामाजिक माध्यम पर घटना की निंदा करते हुए दोषियों को कानूनी सजा दिलाने तथा पीड़ित परिवार की मदद की मांग की है।
