दिव्यांग बच्चों के हुनर को मिला बाजार, विकास भवन में सजे दीपावली मेले में हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री

Rashtriya Shikhar
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Talents of Children with Disabilities Find a Market as Handmade Products Are Sold at a Diwali Fair Held at Vikas Bhawan. IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शनिवार को विकास भवन में ‘हुनर हाट दिव्यांगजन दीपावली मेला’ आयोजित किया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन संस्था की ओर से दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से आयोजित मेले का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, दिव्यांगजन और बड़ी संख्या में आगंतुक मौजूद रहे।

हुनर हाट में दिव्यांग बच्चों के हस्तनिर्मित उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र

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मेले में दिव्यांग बच्चों और युवाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा उनकी बिक्री भी हुई। प्रदर्शनी में मिट्टी के दीये, रंग-बिरंगी मोमबत्तियां, सजावटी मालाएं, लिफाफे और दीपावली पर घरों व प्रतिष्ठानों को सजाने वाली आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजन में इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन, आनंदा ट्रेनिंग सेंटर, भागीरथ सेवा संस्थान, नीव शक्ति संस्थान और बचपन डे केयर, नोएडा सहित कई संस्थाओं ने भाग लिया। इनमें बौद्धिक दिव्यांगता, श्रवण बाधित और अन्य श्रेणियों के बच्चों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार चला रही योजनाएं : नरेंद्र कश्यप

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नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान, कल्याण और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य उन्हें आर्थिक सहायता देने के साथ शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने दिव्यांग पेंशन, सहायक उपकरण वितरण, मोटर चालित तिपहिया साइकिल, दुकान निर्माण एवं संचालन, विवाह प्रोत्साहन, विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र और कॉक्लियर प्रत्यारोपण जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन दिव्यांग बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराते हैं। समाज के लोगों को भी इन उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साह बढ़ाना चाहिए। मेले का उद्देश्य दिव्यांगजनों के कौशल, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना रहा।

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