महिला सुरक्षा और न्याय पर सख्त रुख, राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने 48 मामलों में दिए निर्देश

Rashtriya Shikhar
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Strict stance on women’s safety and justice: National Commission for Women chairperson issues directions in 48 cases IMAGE CREDIT TO POLICE

मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)। विजया रहाटकर शुक्रवार को मुजफ्फरनगर पहुंचीं, जहां उन्होंने विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान आयोग में पंजीकृत 48 मामलों सहित अन्य प्रकरणों पर सुनवाई हुई। अध्यक्ष ने सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक मामले की अनुपालन आख्या राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने में देरी नहीं होनी चाहिए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

महिला कल्याण योजनाओं पर जोर

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इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश मुख्य बाल सेवा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए, ताकि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।

समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर चर्चा

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इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में अध्यक्ष ने उमेश मिश्रा, संजय कुमार वर्मा तथा कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण समेत अन्य अधिकारियों से महिला कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र महिलाओं तक किस स्तर तक पहुंच रहा है।

कार्यस्थल सुरक्षा और महिला सम्मान पर निर्देश

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कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतितोष एवं प्रतिषेध) अधिनियम, 2013 के अंतर्गत गठित आंतरिक और स्थानीय समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष ने प्रशासन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सम्मान और सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई।

विजया रहाटकर ने आयोग की पहल “तेरे मेरे सपने” के अंतर्गत जिले में प्री मैरिटल काउंसलिंग सेंटर स्थापित करने का आह्वान किया, जिससे वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याओं को प्रारंभिक स्तर पर ही समझकर सुलझाया जा सके।

प्री मैरिटल काउंसलिंग सेंटर और छात्र संवाद

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कार्यक्रम के दौरान उन्होंने श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज में आयोजित कैम्पस कॉलिंग कार्यक्रम में भी भाग लिया और छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उनके आगमन पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने स्मृति चिन्ह और पौधा भेंट कर स्वागत किया।

समीक्षा बैठक के उपरांत अध्यक्ष ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया। इस अवसर पर पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि, श्रम, उद्योग, बैंकिंग एवं महिला कल्याण विभाग से जुड़े अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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