गाजियाबाद (शिखर समाचार) आईएमएस गाज़ियाबाद यूनिवर्सिटी कोर्सेज कैंपस में आयोजित विशेष इंटरैक्टिव कार्यक्रम सच विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्ममंथन और करियर-विकल्पों की दिशा तय करने वाला यादगार मंच साबित हुआ। कार्यक्रम में मीडिया, उद्योग और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके डॉ. सुभाष चंद्रा ने छात्रों के साथ खुला संवाद कर न सिर्फ उनके प्रश्नों का उत्तर दिया, बल्कि जीवन की राह चुनने के लिए आवश्यक समझ भी विकसित की। इस अवसर पर आईएमएस गाज़ियाबाद यूनिवर्सिटी कोर्सेज कैंपस की डायरेक्टर डॉ. जसकिरन कौर, आईएमएस गाज़ियाबाद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के महासचिव डॉ. (सीए) राकेश छारिया सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।
संवाद ने खोले आत्म-विश्लेषण के द्वार — डॉ. चंद्रा ने छात्रों को जीवन की सीख से किया प्रेरित
कार्यक्रम का प्रारूप पारंपरिक भाषण से हटकर मुक्त संवाद पर आधारित रहा, जहां डॉ. चंद्रा ने अपने जीवन की सीख, चुनौतियाँ और सफलताओं के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को आत्म-विश्लेषण की दिशा में प्रेरित किया। छात्रों ने भी बिना संकोच अपने मन के प्रश्न, भविष्य से जुड़ी चिंताएँ, पैशन की तलाश, करियर चयन, असफलता के डर और पारिवारिक दबाव जैसे मुद्दे उनके सामने रखे। डॉ. चंद्रा ने हर प्रश्न का बड़ी सहजता, गहराई और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ उत्तर दिया।
उन्होंने कहा कि असली पैशन वही है जो भीतर से बार-बार खींचे और जिसे करते हुए थकान नहीं, संतुष्टि मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैशन केवल शौक नहीं, बल्कि वह ऊर्जा है जो कठिन परिस्थितियों में भी दिशा दिखाती है। टैलेंट और शिक्षा के बीच अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि टैलेंट जन्मजात हो सकता है, लेकिन निखरता अनुशासन और सीखने की निरंतरता से ही है। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता केवल हासिल करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उसे पचाने और विनम्र बने रहने का गुण भी सच्ची उपलब्धि का हिस्सा है।
उत्साही छात्रों और जीवंत संवाद ने बनाया सत्र को प्रभावशाली
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इस दौरान छात्रों की भागीदारी उत्साहपूर्ण रही। युवा प्रतिभाओं ने मंच का भरपूर उपयोग कर संवाद को जीवंत बना दिया। शिक्षकों ने भी इसे छात्रों की सोच, आत्मविश्वास और दृष्टिकोण को आकार देने वाला प्रभावी सत्र बताया।
डॉ. जसकिरन कौर ने कहा कि डॉ. सुभाष चंद्रा का यह संवाद छात्रों के ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला रहा। वहीं, महासचिव डॉ. (सीए) राकेश छारिया ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान आगे भी विद्यार्थियों को वास्तविक अनुभवों और प्रेरक व्यक्तित्वों से जोड़ने की दिशा में प्रयास जारी रखेगा, ताकि वे केवल शैक्षणिक रूप से नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में मजबूत बन सकें।

