हापुड़ (शिखर समाचार)।
हापुड़ के चर्चित कारोबारी नरेंद्र अग्रवाल के घर हुई करोड़ों रुपये की डकैती के मामले में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर श्याम को हापुड़ पुलिस ने गुरुवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान बदमाश की गोली लगने से हेड कांस्टेबल मनोज कुमार घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है।
जानकारी के अनुसार थाना हापुड़ नगर पुलिस बुलंदशहर रोड पर देर रात वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा किया और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद थाना हापुड़ देहात पुलिस ने गोदी गांव के पास घेराबंदी कर दी। खुद को चारों ओर से घिरा देख बदमाश श्याम ट्यूबवेल की आड़ लेकर पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल अवस्था में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से पुलिस ने एक अवैध पिस्टल, कारतूस और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार मारा गया बदमाश रामपुर जिले के सूरजपुर गांव का रहने वाला श्याम (28) था, जिस पर डकैती, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
गौरतलब है कि एक जून की तड़के गिरधारी नगर निवासी प्रमुख कारोबारी नरेंद्र अग्रवाल के घर हथियारबंद बदमाशों ने सनसनीखेज डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। कारोबारी के 17 वर्षीय पोते सिद्धांत के घर पहुंचते ही घात लगाए बैठे 4-5 बदमाश उसके साथ घर में घुस गए थे। बदमाशों ने परिवार के सदस्यों और चौकीदार को गन पॉइंट पर लेकर हाथ-पैर बांध दिए और करीब एक घंटे तक घर खंगालने के बाद सवा किलो सोने के आभूषण, चांदी तथा लाखों रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए थे।
इस मामले में पुलिस ने 7 जून को सुल्तानपुर रोड पर हुई मुठभेड़ के बाद गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में यूपी पुलिस का निलंबित सिपाही विक्की गौतम भी शामिल था, जिसे पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बताया गया था।
धमकी देने के चार घंटे बाद मारा गया बदमाश
पीड़ित कारोबारी नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार शाम 7:58 बजे से लेकर करीब आधे घंटे तक उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से 15 बार कॉल आई थी। व्यस्त होने के कारण वह कॉल रिसीव नहीं कर सके। बाद में जब उन्होंने वापस कॉल की तो कॉलर आईडी पर श्याम प्रताप का नाम प्रदर्शित हुआ। कारोबारी के अनुसार फोन पर आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसकी शिकायत उन्होंने तत्काल पुलिस अधीक्षक को दी थी। आश्चर्यजनक रूप से शिकायत के महज चार घंटे बाद ही पुलिस मुठभेड़ में वही बदमाश मारा गया।
