गाजियाबाद (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादड़ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। जनसुनवाई में भूमि कब्जे, राजस्व विवाद, अवैध अतिक्रमण, सार्वजनिक सुविधाओं, पेंशन, राशन कार्ड और जलापूर्ति सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर नागरिकों ने प्रार्थना पत्र दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान किया जाए। निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से प्रतिक्रिया भी ली जाए।
जनसुनवाई में शिकायत, आठ घंटे में हुआ निस्तारण
इसी क्रम में रामपुर निवासी दिनेश कुमार जैन और उनकी पत्नी विनीता जैन ने एक सितंबर को जनसुनवाई में अपनी पुत्री के अटौर, गाजियाबाद स्थित प्लॉट पर वर्षों से किए गए कथित अवैध कब्जे की शिकायत की थी। परिवार का कहना था कि कब्जा हटवाने के लिए वे लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा था।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी, थाना प्रभारी और तहसीलदार की टीम गठित कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। दिनेश कुमार जैन ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों ने रात आठ बजे तक शिकायत का निस्तारण करा दिया। उन्होंने बताया कि प्लॉट तो वापस नहीं मिला, लेकिन उसके बदले वर्तमान कीमत का चेक उन्हें मिल गया। जैन के अनुसार, बिना कोई पैसा खर्च किए महज आठ घंटे में वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया।
जिलाधिकारी की कार्यशैली की शिकायतकर्ता ने की सराहना
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उन्होंने जिलाधिकारी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके जैसा अधिकारी हर जनपद और विभाग में होना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति, अपर जिलाधिकारी नगर, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, नगर मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
