गाजियाबाद (शिखर समाचार)। अस्पतालों में मरीजों को दिए जाने वाले बिलों में पारदर्शिता, स्पष्टता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय मानक ब्यूरो की गाजियाबाद शाखा कार्यालय की ओर से बुधवार को ‘मानक मंथन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईएस 19493:2025 के तहत अस्पताल बिलों के प्रारूप, आवश्यकताओं और अनुशंसाओं पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। इसका उद्देश्य मरीजों और अन्य हितधारकों का स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मानक गीत के साथ हुआ। भारतीय मानक ब्यूरो गाजियाबाद शाखा कार्यालय की वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख जी. भवानी ने स्वागत संबोधन में स्वास्थ्य सेवाओं में मानकीकरण की आवश्यकता और कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वैज्ञानिक-सी एवं उपनिदेशक राजेंद्र कुमार पलसानिया ने भारतीय मानक ब्यूरो की प्रमुख पहलों तथा देश में गुणवत्ता और मानकीकरण की संस्कृति को मजबूत करने में संस्थान की भूमिका की जानकारी दी।
अस्पताल बिलों में पारदर्शिता बढ़ाने पर मंथन
मुख्य अतिथि भारतीय उद्योग परिसंघ की स्वास्थ्य सेवा शाखा की प्रधान सलाहकार डॉ. शबनम सिंह ने स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीज केंद्रित सेवाओं के महत्व पर विचार रखे। तकनीकी सत्र में भारत के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संघ के उपमहानिदेशक डॉ. सुनील के. खेत्रपाल ने अस्पताल प्रशासन, गुणवत्ता आश्वासन, मरीजों की सुरक्षा और मानकीकृत बिलिंग व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
आईएस 19493:2025 से व्यवस्थित होगी बिलिंग व्यवस्था
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इसके बाद खुले संवाद सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने अस्पताल बिलों की स्पष्टता, उपभोक्ता हित, बीमा संबंधी आवश्यकताओं और बिलिंग व्यवस्था में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार, आईएस 19493:2025 अस्पताल बिलों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे मरीजों को अस्पताल सेवाओं से संबंधित वित्तीय जानकारी समझने में सुविधा मिल सकती है। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिक-बी एवं सहायक निदेशक राजकुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
