नीति आयोग में धामी ने रखा विकसित उत्तराखंड का विजन, हिमालयी राज्यों के लिए विशेष सहायता की मांग

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
Pushkar Singh Dhami presented the vision of a developed Uttarakhand at NITI Aayog, and demanded special assistance for Himalayan states. IMAGE CREDIT TO पीआईबी

नई दिल्ली (शिखर समाचार)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में उत्तराखंड के विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में राज्य की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण, आपदा प्रबंधन, कार्बन तटस्थता, हरित ऊर्जा और पर्वतीय आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े विषयों पर विशेष नीति समर्थन तथा दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।

विकसित भारत में मानव संसाधन को बताया आधार

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-ncr-ghaziabad-news-yamuna-river-rise-threatens-loni-villages-and-crops-submerged-24019250.html

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का आधार मजबूत मानव पूंजी है। इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार मानव संसाधन विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है तथा विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं, आभासी कक्षाओं और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध, नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, डेटा विज्ञान और अर्धचालक प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में देश के लिए अपार संभावनाएं हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश में देवभूमि उद्यमिता विकास योजना, नवप्रवर्तन प्रोत्साहन कार्यक्रम, उद्योग-शिक्षा संस्थान सहयोग तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने जैसी पहलें लागू की गई हैं।

उत्तराखंड को विकसित मॉडल बनाने का लक्ष्य

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। पिछले वर्षों में 30 से अधिक नई नीतियों के माध्यम से कृषि, उद्योग, पर्यटन, ऊर्जा और सेवा क्षेत्र को एकीकृत कर विकास का समन्वित मॉडल तैयार किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार और प्रति व्यक्ति आय में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, योग एवं स्वास्थ्य पर्यटन, पर्यटन तथा हरित ऊर्जा को भविष्य के विकास इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही उत्तराखंड को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था और सतत विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

हरित विकास और सुशासन पर जोर

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय, गंगा, यमुना और राज्य के विशाल वन क्षेत्र केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। इसलिए हिमालयी राज्यों की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण, आपदा प्रबंधन और पर्वतीय विकास के लिए दीर्घकालिक नीति और वित्तीय सहायता आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार 12 वर्ष के सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी तथा उन्हें और नीति आयोग के सभी सदस्यों को अगले वर्ष उत्तराखंड में आयोजित होने वाले कुंभ मेले और नंदा राजजात यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

Share This Article
Leave a comment