बिजनौर (शिखर समाचार)। थाना स्योहारा क्षेत्र से जुड़े गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके संगठित गिरोह के विरुद्ध प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी 168 करोड़ 13 लाख 32 हजार 600 रुपये मूल्य की संपत्ति तथा ओमर इंटरनेशनल स्लाटर हाउस को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा-14 के अंतर्गत की जा रही है।
जिला मजिस्ट्रेट जालौन राजेश कुमार पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अतीक अहमद की चिन्हित संपत्तियों को शीघ्र कुर्क किया जाएगा। प्रशासनिक समन्वय के तहत उप जिलाधिकारी धामपुर को उक्त संपत्ति का रिसीवर नियुक्त किया गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक जालौन ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम याकूबपुर, परगना स्योहारा स्थित इस विशाल संपत्ति को 15 दिनों के भीतर नियमानुसार कुर्क कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।
गिरोह और आपराधिक गतिविधियों का खुलासा
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पुलिस अभिलेखों के अनुसार नई दिल्ली तथा कस्बा सहसपुर, थाना स्योहारा निवासी अतीक अहमद पुत्र मोहम्मद उमर, गैंग लीडर गुलजार के साथ मिलकर एक अंतरजनपदीय एवं अंतरराज्यीय संगठित गिरोह संचालित करता था। जांच में सामने आया कि यह गिरोह कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से ‘फिश फूड’ अर्थात मछली के चारे की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर गौमांस तस्करी के कारोबार में संलिप्त था। पूर्व में एक वाहन से बरामद डिब्बों की विधि विज्ञान प्रयोगशाला, मथुरा में जांच कराई गई थी, जिसमें गौमांस होने की पुष्टि हुई थी।
संपत्तियों की पहचान और कुर्की की प्रक्रिया
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अतीक अहमद के विरुद्ध बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र सहित जनपद जालौन के विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन द्वारा चिन्हित संपत्तियों में ग्राम याकूबपुर स्थित 10 गाटा संख्याओं की कृषि एवं व्यावसायिक भूमि शामिल है। इसके अतिरिक्त गाटा संख्या 46, 102, 40, 52, 54 और 47 पर निर्मित ‘ओमर इंटरनेशनल स्लाटर हाउस’ का संपूर्ण भवन भी कुर्की की कार्रवाई के दायरे में लाया गया है।
प्रशासन का सख्त संदेश और आगे की कार्रवाई
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इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठित अपराध, माफिया गतिविधियों और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न जनपदों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराधियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिससे कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
