देहरादून/नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करते हुए इसे देश की विश्वस्तरीय अवसंरचना परियोजनाओं में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह गलियारा कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, अर्थव्यवस्था को गति देगा और पर्यटन के नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही उन्होंने देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बिहू और पुथंडू की शुभकामनाएं भी दीं।
कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद यह एक्सप्रेसवे राज्य के विकास में एक नई उपलब्धि है। लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट से यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और परिवहन लागत कम होगी।
यह गलियारा गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों को जोड़ते हुए क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा। साथ ही किसानों और पशुपालकों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा लाभ
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प्रधानमंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
इससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और होटल, ढाबा, टैक्सी व होमस्टे जैसे स्थानीय व्यवसायों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा का भी उल्लेख किया।

पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर जोर
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प्रधानमंत्री ने बताया कि इस परियोजना में लगभग 12 किलोमीटर लंबा ऊंचा वन्यजीव गलियारा बनाया गया है, जिससे हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे देवभूमि की पवित्रता बनाए रखें और प्लास्टिक कचरा न फैलाएं। साथ ही बी.आर. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण और संतुलित विकास पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रगति, प्रकृति और संस्कृति का संतुलन बेहद जरूरी है, और यह आर्थिक गलियारा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
