गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार)
जनपद हापुड़ की गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक सिंभावली अंतर्गत गांव लिसड़ी में स्थित दरगाई बाबा की समाधि पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक बसंत पंचमी मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला समिति के साथ-साथ प्रशासन ने भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है।
मेले की तैयारियों का जायजा: प्रशासन ने समाधि स्थल पर सुरक्षा और सुविधाओं की समीक्षा की
व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव और सिंभावली थाना प्रभारी सुरेश कुमार दरगाई बाबा की समाधि पहुंचे, जहां उन्होंने समाधि के महंत देवेश्वरानंद महाराज से मुलाकात कर मेले की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की।
महंत देवेश्वरानंद महाराज ने बताया कि बसंत पंचमी के अवसर पर लगने वाला यह मेला लगभग तीन सौ वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है। इस वर्ष मेला 21 जनवरी से 24 जनवरी तक चलेगा, जबकि मुख्य पर्व 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन मनाया जाएगा। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधि पर मत्था टेकने और मन्नतें मांगने पहुंचते हैं। विशेष रूप से नवविवाहित जोड़े विवाह के समय पहने गए परिधानों में ही बाबा के दरबार में हाजिरी लगाते हैं, जिसे शुभ माना जाता है।
भव्य मेले की तैयारी: श्रद्धालुओं की सुविधा और वाहनों की व्यवस्था के लिए युद्धस्तर पर काम
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मेले को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए समाधि परिसर में रंग रोगन, साफ सफाई और सजावट का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम की सुविधा के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, वाहनों की सुचारु व्यवस्था के लिए समाधि से जुड़ी कृषि भूमि को अस्थायी रूप से खाली कराया जा रहा है, साथ ही मार्ग में पड़ने वाले खेतों को भी प्रशासन के सहयोग से वाहन पार्किंग हेतु उपयोग में लाया जाएगा।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं। उपजिलाधिकारी और थाना प्रभारी ने बताया कि मेले के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों से मांग की गई है। निर्देश प्राप्त होते ही बल की तैनाती मेला क्षेत्र में की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में निगरानी यंत्र लगाए जाएंगे। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए यातायात कर्मियों की विशेष तैनाती रहेगी और महिला श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाई जाएगी। कुल मिलाकर आस्था और परंपरा के इस संगम को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेला समिति और प्रशासन मिलकर हर स्तर पर तैयारी में जुटा हुआ है।
