ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) विधिक सेवा दिवस के मौके पर ग्राम निठारी स्थित एम.एस.सी. लाइब्रेरी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पराविधिक स्वयंसेवकों ने एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
महिला सशक्तिकरण शिविर: कानूनी अधिकार और न्याय तक निःशुल्क पहुँच की जानकारी
शिविर में महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े कानूनों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के उपायों की जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों ने बताया कि किस प्रकार विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है। साथ ही समाज में व्याप्त अन्याय और भेदभाव के खिलाफ कानूनी रूप से सजग रहने पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है, क्योंकि जागरूकता ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है। पराविधिक स्वयंसेवकों ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, संपत्ति अधिकार, बाल विवाह और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
समाज सुधार का संदेश: स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को एकजुट होकर न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक होने की अपील की
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शिविर के दौरान उपस्थित स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन तभी संभव है जब लोग अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करें।
इस अवसर पर पराविधिक स्वयंसेवक विमलेश शर्मा, दिनेश शर्मा, मुकेश कुमार, हरिओम कुमार सहित राष्ट्रीय, राज्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को विधिक पुस्तिकाएं वितरित की गईं और आगे भी ऐसे जागरूकता अभियान निरंतर चलाने का संकल्प लिया गया।
