हापुड़ (शिखर समाचार)। सरस्वती कॉलेज ऑफ फार्मेसी में उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के प्रायोजन में ‘माइक्रोबायोम आधारित चिकित्सीय उपचार : प्रिसीजन मेडिसिन के लिए उभरते अवसर’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की वित्त समिति के अध्यक्ष ने माइक्रोबायोम आधारित दवाओं की उपयोगिता और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। जामिया हमदर्द, दिल्ली के डॉ. जावेद अली ने माइक्रोबायोम और मानव स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर विस्तार से व्याख्यान दिया। दिल्ली के डॉ. राजीव टोंक, सुभारती विश्वविद्यालय के डॉ. शौकेंद्र कुमार और डॉ. गौरव कैथवास ने भी विषय से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार रखे।
शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोधपत्र और पोस्टर
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नितिन कुमार ने सम्मेलन की अध्यक्षता की, जबकि आयोजन का संयोजन डॉ. निधि त्यागी ने किया। सम्मेलन के दौरान शोधार्थियों और प्रतिभागियों ने 20 से अधिक मौखिक तथा 60 से अधिक पोस्टर प्रस्तुतियां दीं। मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में जामिया हमदर्द के शोधार्थी अभिषेक त्यागी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सरस्वती कॉलेज के अफजल खान और शगुन संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। पोस्टर प्रतियोगिता में विनीत चौधरी ने प्रथम स्थान हासिल किया। आरएसडी एकेडमी, मुरादाबाद के उमंग गौर और मानव मिश्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
सम्मेलन में माइक्रोबायोम आधारित उपचार और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप चिकित्सा की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
