गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न करने के लिए पुलिस कई दिन पहले से तैयारी में लग गई थी। पुलिस लगातार पीस कमेटी की मीटिंग करते हुए क्षेत्र के सम्मानित लोगों से लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने की अपील कर रही थी। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के साथ-साथ जुलूस निकलवाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन की गई तैयारी के तहत गाजियाबाद के प्रत्येक इलाके में लॉ एंड ऑर्डर के तहत जुलूस निकला। गाजियाबाद के संवेदनशील इलाके खोड़ा और कैला भट्टा इलाके में भी शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस निकला।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की पहले से व्यापक तैयारी
इसी कड़ी में थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में शुक्रवार को निकाले जा रहे जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ता रहा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया मौके पर निरीक्षण
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पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगर उपासना पाण्डेय ने भारी पुलिस बल के साथ जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थानों का विशेष रूप से निरीक्षण कर वहां तैनात पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी की समीक्षा की। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
इसके अलावा थाना खोड़ा क्षेत्र में एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यार, पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल, एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव सहित भारी तादाद में पुलिसकर्मियों ने क्षेत्र पर भारी निगरानी बनाकर रखी थी।

शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
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निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जुलूस में शामिल लोगों से भी संवाद किया और सभी से शांति, सौहार्द एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि मोहर्रम जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी धार्मिक कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।
जुलूस मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार गश्त, निगरानी और अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जा रहा था। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क और तैयार थी।
