आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सोमवार को अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन जोन 04 के नेतृत्व में टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर कई इलाकों में चल रहे अवैध प्लाटिंग, बिल्डर दफ्तरों और अवैध इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया। इस दौरान स्थानीय भूमाफियाओं और निर्माणकर्ताओं ने कार्रवाई का भारी विरोध किया, लेकिन पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली।
एनएच-09 के पास 6600 वर्गगज अवैध कॉलोनी ध्वस्त
महरौली ग्राम में महागुन ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के पास एनएच-09 से सटकर करीब 6600 वर्गगज जमीन पर अवैध कॉलोनी बसाने की साजिश को जीडीए ने नाकाम कर दिया।
भू स्वामी और विकासकर्ता: विकासकर्ता अभिषेक गर्ग और भू स्वामी सुशीला त्यागी व दीपक त्यागी द्वारा खसरा नंबर 816, 819, 820 व 821 पर बिना अनुमति मिट्टी फिलिंग का काम किया जा रहा था।
लापरवाही पर एक्शन: यहां कच्ची सड़क को सीधे एनएच-09 से जोड़कर सीवर डालने की तैयारी थी।
पहले मिला था नोटिस: जीडीए ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ 20 नवंबर 2025 को कारण बताओ और कार्य रोको नोटिस (वाद संख्या: जीडीए/एएनआई/2025/0004754) जारी किया था। निर्माणकर्ताओं द्वारा कोई संतोषजनक जवाब न देने पर इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
प्रताप विहार में सेट बैक नियमों का उल्लंघन
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दूसरा बड़ा एक्शन प्रताप विहार के सेक्टर-11 में हुआ। यहां भवन/भूखंड संख्या ए-239 पर निर्माणकर्ता अंकुर शर्मा द्वारा जीडीए के निर्मित भवन के सेट बैक (नियमों के तहत छोड़ी जाने वाली खाली जगह) को प्रभावित कर बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के अवैध निर्माण कर लिया गया था। जीडीए की टीम ने इस अवैध निर्माण को भी ढहाकर अनुपयोगी बना दिया।
हिंडन और सिद्धार्थ विहार के डूब क्षेत्र में भी चला बुलडोजर
जीडीए का अभियान यहीं नहीं रुका। प्रवर्तन जोन-4 की टीम ने सिद्धार्थ विहार और हिंडन नदी के समीपवर्ती डूब क्षेत्र (फ्लड ज़ोन) को निशाना बनाया।
सिद्धार्थ विहार डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी और प्लॉटिंग के उद्देश्य से किए जा रहे सभी नए निर्माणों को ध्वस्त किया गया। वहीं हिंडन नदी के कैचमेंट एरिया में भू-माफियाओं द्वारा की गई अवैध प्लॉटिंग, बाउंड्रीवॉल, अवैध बिल्डर ऑफिस और अन्य अनधिकृत ढांचों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।
ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय अवैध निर्माणकर्ताओं और प्रॉपर्टी डीलरों ने विरोध और हंगामे की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित कर कार्रवाई पूरी कराई।
जीडीए प्रवर्तन जोन-4 के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत लेआउट और डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है। ऐसे निर्माणों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
