हरिद्वार (शिखर समाचार)। कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और यौन उत्पीड़न की शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर गठित हरिद्वार की स्थानीय शिकायत समिति की बैठक जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में हुई बैठक में कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समितियों के गठन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में समिति गठन अनिवार्य
जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया ने बताया कि जनपद के सभी शासकीय, अर्धशासकीय और गैर शासकीय संस्थानों में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। इसके तहत उन सभी कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
बैठक में सभी विभागों और संस्थानों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समितियों का गठन कर इसकी सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। समिति के गठन का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और शिकायत मिलने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर जल्द होगी कार्यशाला
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स्थानीय शिकायत समिति की अध्यक्ष डॉ. मनु शिवपुरी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को लेकर जल्द ही कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया और समितियों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
बैठक में वरिष्ठ पत्रकार शशि शर्मा और अधिवक्ता रश्मि उपाध्याय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
