गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में उपभोक्ता हितों की लड़ाई को नई दिशा देने वाले जज प्रवीण जैन का आज कार्यकाल का अंतिम दिन रहा। अपने न्यायिक जीवन में उन्होंने हमेशा उपभोक्ताओं के पक्ष को मजबूती दी और ऐसे फैसले दिए जिनसे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिली बल्कि उपभोक्ता फोरम की कार्यप्रणाली भी पारदर्शी और प्रभावी हुई। आज अपने आखिरी दिन उन्होंने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया जिसने उनकी न्यायप्रियता और दूरदर्शिता को और भी सशक्त रूप में सामने रखा।
सुनवाई में त्वरित न्याय: जज प्रवीण जैन ने होम लोन विवाद में ₹27 लाख के वन टाइम सेटलमेंट से उपभोक्ता को दी राहत
20 सितंबर 2025 को सुनाए गए इस फैसले में जज प्रवीण जैन ने एक जटिल होम लोन विवाद का निपटारा किया। मामला परिवादी उपभोक्ता और विपक्षी बैंक के बीच लंबे समय से चल रहे वित्तीय विवाद से जुड़ा था। आयोग ने अपने आदेश में विपक्षी बैंक और उपभोक्ता के बीच समझौते को स्वीकार करते हुए ₹26,83,969/- की देनदारी पर ₹27,00,000/- की वन टाइम सेटलमेंट (One Time Settlement) को अंतिम रूप दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि विपक्षी बैंक को 30 दिनों के भीतर यह राशि ट्रांसफर करनी होगी और उपभोक्ता को शेष दायित्वों से मुक्त किया जाएगा। इस आदेश से उपभोक्ता को सीधी राहत मिली और बैंक को भी निष्पक्ष समाधान प्राप्त हुआ। यह फैसला उपभोक्ता फोरम की उस भूमिका को उजागर करता है जिसमें न्याय न केवल त्वरित होता है बल्कि संतुलित और व्यावहारिक भी होता है।
जज प्रवीण जैन के कार्यकाल में हजारों उपभोक्ता मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें कई बार उन्होंने उपभोक्ताओं को बड़ी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के सामने न्याय दिलाया। उनकी कार्यशैली, सटीक समझ और तर्कसंगत आदेशों ने आयोग की साख को और मजबूत किया। उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित किया कि उपभोक्ताओं की आवाज दबे नहीं और उन्हें उनका हक समय पर मिले।
नए मुकाम पर जज प्रवीण जैन: गाजियाबाद उपभोक्ता फोरम से जीएसटीएटी में केंद्रीय जिम्मेदारी की ओर
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अब जज प्रवीण जैन को नई जिम्मेदारी मिली है। वे गाजियाबाद उपभोक्ता फोरम से आगे बढ़ते हुए जूडिशियल मेम्बर फॉर स्टेट बेंच गुड्स एंड सर्विस टैक्सस अपीलेट ट्रिब्यूनल (जीएसटीएटी) के पद पर न्यायिक सदस्य के रूप में प्रधान पीठ (प्रिंसीपल बेंच) नई दिल्ली में कार्यभार ग्रहण करते हुए अपनी सेवाएं देंगे। यह नई पारी न केवल उनके लिए सम्मान की बात है बल्कि गाजियाबाद उपभोक्ता फोरम के लिए भी गर्व का क्षण है क्योंकि यहां का एक न्यायाधीश अब केंद्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने जा रहा है।
गाजियाबाद उपभोक्ता फोरम के कर्मचारियों और अधिवक्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि जज प्रवीण जैन ने आयोग को एक नई पहचान दी। उनकी वजह से हजारों उपभोक्ताओं को वर्षों से अटके मामलों में न्याय मिल पाया। आज सुनाया गया आदेश उनके न्यायिक कार्यकाल की गूंज को और लंबे समय तक जीवित रखेगा। अब जब वे जीएसटी अपीलीय प्राधिकरण में नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं, तो उम्मीद है कि वहां भी वे अपने अनुभव, ईमानदारी और निष्पक्षता से न्याय व्यवस्था को मजबूत करेंगे और उपभोक्ताओं एवं करदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेंगे।

