गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आगामी कार्यक्रमों और बड़े आयोजनों को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस व दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच शनिवार को एक महत्वपूर्ण इंटर-स्टेट बॉर्डर कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना, यातायात प्रबंधन को सुचारु रखना तथा दोनों राज्यों की पुलिस के बीच आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना रहा। बैठक में दिल्ली के ईस्टर्न रेंज के ज्वाइंट पुलिस आयुक्त अजीत कुमार सिंगला, पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार तथा गाजियाबाद नगर एवं ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल समेत दोनों राज्यों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर साझा रणनीति तैयार की।
सीमावर्ती सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर हुई चर्चा
बैठक में विशेष रूप से आगामी आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात सुगमता और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के बीच प्रतिदिन लाखों लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में किसी भी बड़े कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन या विशेष अवसर पर दोनों राज्यों के पुलिस विभागों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत आवश्यक है।
संयुक्त निगरानी और सूचना साझा करने पर बनी सहमति
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/focus-on-security-and-environmental-balance/
वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा सूचना के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति जताई। इसके अलावा यातायात दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष प्रबंधन योजना लागू करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रियल-टाइम सूचना तंत्र को किया जाएगा मजबूत
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/block-education-officer-rachna-singh-suspend/
बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों राज्यों की पुलिस के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति, सुरक्षा संबंधी चुनौती या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पर तत्काल संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर नोडल अधिकारियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
