ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 90वीं बोर्ड बैठक सोमवार को अध्यक्ष एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं सदस्य सचिव राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों से संबंधित एजेंडा बिंदुओं को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया। बैठक में औद्योगिक निवेश, आवासीय योजनाओं, हेरिटेज सिटी, फिल्म सिटी, सात प्रतिशत आबादी भूखंड योजना और आधारभूत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
औद्योगिक निवेश और भूखंड आवंटन को मिली रफ्तार
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 मई तक प्राधिकरण की पूंजीगत प्राप्तियां 522.39 करोड़ रुपये थीं, जबकि 31 मई 2026 तक यह बढ़कर 745.85 करोड़ रुपये हो गईं। इस प्रकार प्राप्तियों में लगभग 43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बोर्ड ने सड़कों, सीवर, नालियों, पेयजल, विद्युत और उद्यानों के रखरखाव के लिए एक विशेष कोष बनाने का निर्णय लिया। इस कोष में लीज डीड, हस्तांतरण शुल्क, समय विस्तार शुल्क तथा अन्य राजस्व मदों से प्राप्त धनराशि जमा की जाएगी। बैठक में क्षेत्र में स्थापित हो रही प्रमुख औद्योगिक इकाइयों एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड और इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की लीज डीड प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया गया। विभिन्न औद्योगिक पार्कों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम पार्क, हस्तशिल्प पार्क, टॉय पार्क, परिधान पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क सहित विभिन्न योजनाओं में कुल 1236 भूखंडों में से 1122 का आवंटन किया जा चुका है। इनमें 771 लीज डीड निष्पादित हो चुकी हैं और 92 इकाइयों को पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
प्रदेश सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य के तहत आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 में यमुना प्राधिकरण को 30 हजार करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य दिया गया था। प्राधिकरण ने 30,885.69 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की। इसके अंतर्गत कुल 136 औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। वर्ष 2025-26 और 2026-27 में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 137 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें पाइन वैली वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, टीआई मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड, हैवेल्स इंडिया लिमिटेड, असेंट के सर्किट प्राइवेट लिमिटेड, पॉलीनोमस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पराग डेयरी, एसएईएल सोलर, मिंडा कॉर्प, एम्बर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड, इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड, एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड, सीएनएच इंडस्ट्रियल, सन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज, इंटीग्रेटेड बैटरिज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा सीईएससी ग्रीन पावर लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। सेक्टर-28 में 48 एकड़ क्षेत्र में स्थापित होने वाली इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड (एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम) की इकाई का शिलान्यास पहले ही किया जा चुका है।
प्राधिकरण द्वारा अब तक कुल 3175 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से 2495 आवंटियों ने लीज डीड निष्पादित करा ली है। शेष मामलों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए समय विस्तार देने का निर्णय लिया गया।
आवासीय योजनाएं, हेरिटेज सिटी और फिल्म सिटी परियोजनाओं पर अहम फैसले
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बैठक में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग को सेक्टर-33 स्थित 2000 वर्गमीटर भूखंड के संबंध में देय धनराशि जमा करने हेतु अतिरिक्त समय प्रदान किया गया। साथ ही सेक्टर-16, 17, 18, 20 और 22डी की आवासीय योजनाओं में लीज डीड करा चुके आवंटियों को भवन निर्माण के लिए 31 दिसंबर 2026 तक निशुल्क समय विस्तार देने का निर्णय लिया गया। लीज डीड न कराने वाले आवंटियों के लिए विलंब शुल्क की नई व्यवस्था भी स्वीकृत की गई।
मथुरा की हेरिटेज सिटी परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। परियोजना के लिए तैयार बोली दस्तावेज का प्रस्तुतीकरण बोर्ड के समक्ष किया गया और आवश्यक संशोधनों के बाद इसे शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। वहीं फिल्म सिटी परियोजना के संबंध में बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी के प्रतिनिधि बोनी कपूर और आशीष भूटानी ने बोर्ड को परियोजना की कार्ययोजना की जानकारी दी।
सात प्रतिशत आबादी भूखंड योजना और आधारभूत विकास को बढ़ावा
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सात प्रतिशत आबादी भूखंड योजना के तहत भूलेख विभाग द्वारा रबूपुरा, तिरथली, मुरादगढ़ी, कुरैब, दनकौर, म्याना, मकसूदपुर, थोरा, मिर्जापुर, मोहम्मदाबाद खेड़ा और उटरावली गांवों के 4176 पात्र किसानों के लिए विस्तृत प्रकाशन जारी कर आपत्तियां आमंत्रित की जा चुकी हैं। अब तक कुल 11211 किसानों के लिए प्रकाशन किया गया है, जिनमें से 7035 किसानों को आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं तथा 4176 भूखंड विभिन्न सेक्टरों में नियोजित किए जा चुके हैं।
बैठक में ग्राम फलैदा बांगर स्थित गौ-आश्रय स्थल के संचालन को स्वयंपोषित संस्था अथवा ट्रस्ट के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया। लगभग 5.5652 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तारित इस गौशाला के लिए निविदा दस्तावेज की शर्तों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा जेवर क्षेत्र में होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से ट्रैफिक पार्क एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की सहमति दी गई। इसका निर्माण फाउंडेशन अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व निधि से कराएगा, जबकि भूमि प्राधिकरण निशुल्क उपलब्ध कराएगा।
बैठक के अंत में बोर्ड ने सेक्टर-8, 8ए, 8बी, 8सी, 8डी, 8ई और 8एफ के आंतरिक विकास कार्यों को इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण मॉडल पर कराने का निर्णय लिया। प्राधिकरण का मानना है कि इन फैसलों से औद्योगिक निवेश, रोजगार, आधारभूत ढांचे और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
