ओवरस्पीडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों पर तकनीकी उपकरणों से होगी प्रभावी कार्रवाई

Rashtriya Shikhar
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Effective action will be taken against overspeeding and drunk drivers using technical devices, IMAGE CREDIT TO पुलिस

मेरठ (शिखर समाचार)। सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस अब ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ आधुनिक तकनीकी उपकरणों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई करेगी। पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने मुख्यालय के निर्देशों के अनुपालन में परिक्षेत्र के सभी जनपदों की पुलिस को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए हैं।

सड़क सुरक्षा और आधुनिक तकनीकी उपकरणों का प्रयोग

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डीआईजी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर जनपदों को इंटरसेप्टर वाहन, स्पीड लेजर गन, ब्रीथ एनालाइजर और ध्वनि स्तर मापक यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। यातायात निदेशालय द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में सामने आया है कि पिछले वर्ष 61 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुईं। इसके अलावा गलत दिशा में वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग भी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।

ओवरस्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई

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स्पीड लेजर गन से निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने वालों की पहचान कर डिजिटल साक्ष्य के आधार पर चालान और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उपकरण वाहन की गति के साथ उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर या वीडियो तथा गति संबंधी आंकड़े सुरक्षित करेगा। चालक द्वारा आपत्ति जताने पर दर्ज गति, समय और तस्वीर प्रदर्शित की जा सकेगी।

शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच ब्रीथ एनालाइजर से की जाएगी। रक्त में शराब की मात्रा 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर या उससे अधिक पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई होगी। अत्यधिक नशे की स्थिति में वाहन को धारा 207 के तहत जब्त किया जा सकेगा। रात्रि और दुर्घटना संभावित समय में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।

ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और पुलिस की अपील

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ध्वनि स्तर मापक यंत्र से मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न की जांच होगी। निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक शोर करने वाले उपकरणों के विरुद्ध धारा 190(2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने उपकरणों के नियमित रखरखाव, तकनीकी जांच और समीक्षा के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वाहन चालकों से गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर वाहन न चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की अपील की है।

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