ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 91वीं बोर्ड बैठक बुधवार को प्राधिकरण के सभाकक्ष में अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास) आलोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के वित्तीय प्रदर्शन, औद्योगिक विकास, निवेश, आधारभूत ढांचे के विस्तार, किसानों के हितों, अग्नि सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन, पर्यावरण संरक्षण तथा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र के नियोजित विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। सचिव राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के एजेंडा बिंदुओं को संचालक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया।
यीडा की वित्तीय स्थिति में दर्ज हुई उल्लेखनीय वृद्धि
बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 जून 2026 तक यीडा की कुल प्राप्तियां 1,371.75 करोड़ रुपये दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 640.01 करोड़ रुपये था। इस प्रकार प्राप्तियों में 114.33 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इसी अवधि में कुल व्यय 2,101.96 करोड़ रुपये रहा, जिसमें से 1,741.40 करोड़ रुपये भूमि क्रय पर खर्च किए गए। औद्योगिक एवं मिश्रित भूमि योजनाओं से 660.14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो इस मद में पूरे वर्ष के बजट का लगभग 47.5 प्रतिशत है। बोर्ड ने इसे निवेशकों के बढ़ते विश्वास और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का सकारात्मक संकेत माना।
अग्नि सुरक्षा और औद्योगिक पार्कों के विकास को मिली मंजूरी
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प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप हाईराइज भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा को 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की।
इसके अलावा एमएसएमई पार्क, हस्तशिल्प पार्क, टॉय पार्क, अपैरल पार्क तथा मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि पिछले एक माह के दौरान 63 लीज डीड निष्पादित की गईं, 118 आवंटियों को भूखंडों का कब्जा सौंपा गया, 62 भवन मानचित्र स्वीकृत किए गए, 84 परियोजनाओं में निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, 15 औद्योगिक इकाइयों ने उत्पादन शुरू किया तथा 12 इकाइयों का कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण किया गया।
हवाई अड्डा क्षेत्र और किसानों के हितों पर विशेष जोर
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बैठक में यीडा क्षेत्र में एनटीपीसी द्वारा संचालित विद्युत एवं हाइड्रोजन बसों के संचालन की समीक्षा करते हुए सार्वजनिक परिवहन को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से ग्राम धनौरी वेटलैंड के निकट ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 200 मीटर भूमि किराये पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। साथ ही नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिणी क्षेत्र, आगरा की ओर, को औद्योगिक नोड के रूप में विकसित करने की महायोजना को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त चीन के यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर यीडा इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की अवधारणा पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसका बोर्ड ने अवलोकन किया।
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण के तुरंत बाद किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भविष्य में आने वाली वाणिज्यिक होटल योजनाओं में बेहतर एवं निवेशक हितैषी नियमों को शामिल करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। बैठिंग में लंबित रियल एस्टेट परियोजनाओं की समीक्षा के साथ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को सेक्टर-9 में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं की स्थापना के लिए 30 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों तथा प्रस्तावित मास्टर प्लान सड़क के लिए आवश्यक भूमि क्रय संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बोर्ड के इन निर्णयों से यीडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और नियोजित शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
