देहरादून (शिखर समाचार)। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) सभागार में सोमवार को विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण सप्ताह’ के तीसरे दिन आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले पांच वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों को आम जनता के सामने रखा गया।
प्रदेशभर में 4 से 10 जुलाई 2026 तक मनाए जा रहे इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना है। एमडीडीए सभागार में आयोजित प्रदर्शनी में आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी, शहरी विकास, पर्यटन और आवास से जुड़ी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में नोडल अधिकारियों, प्राधिकरण के कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने प्रतिभाग किया।
आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी और पर्यटन परियोजनाओं पर रहा फोकस
प्रदर्शनी में विभिन्न डिस्प्ले पैनलों के माध्यम से सड़क, रेल, रोपवे और क्षेत्रीय हवाई संपर्क (उड़ान योजना) से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी गई। आगंतुकों को बताया गया कि किस प्रकार सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ रही है। चारधाम ऑल वेदर रोड, शहरी बुनियादी ढांचा और पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं ने प्रदर्शनी में विशेष आकर्षण पैदा किया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्रदर्शनी के दौरान कहा कि सेवा सप्ताह सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं और इन विकास परियोजनाओं की वास्तविक तस्वीर आमजन तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने सड़क, रेल और हवाई संपर्क जैसी परियोजनाओं को प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार बताया।
जनभागीदारी और सुशासन पर जोर, विकास योजनाओं को बताया भविष्य का आधार
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एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब नागरिक उनमें सक्रिय सहभागिता निभाएं। प्रदर्शनी का मकसद राज्य की विकासपरक सोच को नागरिकों के सामने स्पष्ट करना और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करना है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी योजनाएं प्राथमिकता पर हैं।
