गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना मसूरी पुलिस और स्वाट टीम ग्रामीण जोन ने महज 24 घंटे के भीतर 2.25 लाख रुपये की लूट की वारदात का सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस युवक ने खुद को लूट का शिकार बताया था, उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से लूट की रकम में से 1 लाख 67 हजार रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है, जबकि एक अभियुक्त मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
5 जुलाई को मसूरी थाने में रिजवान ने तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी फैक्ट्री से अपने पार्टनर दानिश के माध्यम से 2 लाख 25 हजार रुपये मंगवाए थे। रुपये लेकर आ रहे उसके रिश्ते के भांजे से बाइक सवार तीन बदमाशों ने मसूरी क्षेत्र में नकदी लूट ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस और स्वाट टीम को खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राज, खुद ही रची थी लूट की साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने कथित पीड़ित युवक नवेद और उसके साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस पूछताछ में नवेद ने बताया कि उसे पहले से जानकारी थी कि वह फैक्ट्री से 2.25 लाख रुपये लेकर आएगा। रकम देखकर उसके मन में लालच आ गया और उसने अपने दोस्तों शादाब, फरकान और शोएब के साथ मिलकर लूट की योजना बना ली।
योजना के अनुसार वह रुपये लेकर निकला, जबकि उसके साथी दूसरी बाइक से पीछे-पीछे चलते रहे। मसूरी अंडरपास से आगे बैंके बिहारी डेंटल कॉलेज के पास तय योजना के अनुसार साथियों ने उससे नकदी छीन ली। शक से बचने के लिए नवेद ने खुद ही पुलिस चौकी पहुंचकर लूट की झूठी सूचना दे दी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार; 1.67 लाख रुपये बरामद
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवेद (19), शादाब अल्वी (24) और फरकान (23) निवासी सिद्धीकपुर, थाना पिलखुवा, जनपद हापुड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 1.67 लाख रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। फरार आरोपी शोएब की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि मामले में आवश्यक धाराएं बढ़ाते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कराई जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के चलते महज 24 घंटे के भीतर इस चर्चित लूटकांड का सफल खुलासा कर लिया गया है।
