देहरादून (शिखर समाचार)। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा तैयार की जा रही ‘देहरादून महायोजना-2041’ के लिए चल रहे जनसंवाद अभियान के नौवें दिन शुक्रवार को व्यापक भागीदारी देखने को मिली। बिधौली स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज में आयोजित जनसुनवाई शिविर में स्थानीय नागरिकों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और भू-स्वामियों ने शहर के भावी स्वरूप को लेकर अपने विचार रखे।
शिविर के दौरान शहर में बढ़ते शहरी दबाव और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों पर लंबी चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने मुख्य रूप से सड़क नेटवर्क के विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग की समस्या को हल करने पर जोर दिया। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिकों ने चिंता जताई। लोगों का सुझाव था कि शहर के जल स्रोतों, हरित क्षेत्रों और सार्वजनिक पार्कों को सुरक्षित रखने के लिए महायोजना में ठोस प्रावधान होने चाहिए। साथ ही, जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर भी चर्चा की गई।
तकनीकी परीक्षण के बाद ही महायोजना में शामिल होंगे सुझाव
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि यह महायोजना केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास की दृष्टि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनभागीदारी के बिना शहर का संतुलित विकास संभव नहीं है।
वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि शिविर में प्राप्त हर एक सुझाव और आपत्ति का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विशेषज्ञों की टीम प्रत्येक सुझाव का तकनीकी और विधिक परीक्षण करेगी, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
21 जुलाई तक चलेगा अभियान, अगले शिविर का स्थान तय
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जनसंवाद अभियान 21 जुलाई तक विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा। एमडीडीए ने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी करने की अपील की है।
अभियान के 10वें दिन की जनसुनवाई उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (हुडा कार्यालय), राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स, तहसील चौक में आयोजित की जाएगी। संबंधित अधिकारी मौके पर उपस्थित रहेंगे ताकि शिकायतों और सुझावों का त्वरित निस्तारण किया जा सके।
